ओमान के पर्यावरण प्राधिकरण ने बुधवार 12 अगस्त को पुष्टि की कि फंसे हुए टैंकर कैरोलिन बेजेंगी से रिस रहा तेल देश की मुख्य भूमि के समुद्र तटों तक पहुंच गया है। प्रदूषण जहाज की क़बीलियाह द्वीप के पास की स्थिति से लगभग 200 किलोमीटर उत्तर में रास मद्रकाह में मिला। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि समुद्री धाराएं कुछ घंटों में तेल को मसीराह द्वीप की ओर ले जा सकती हैं।
247 मीटर लंबे टैंकर ने जून में विस्फोट की सूचना दी थी और बाद में ओमान के दक्षिण-पूर्वी तट के पास पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील द्वीप के निकट फंस गया। एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार जहाज में लगभग दस लाख बैरल कच्चा तेल था, जबकि रॉयटर्स ने अनुमानित माल करीब 8,00,000 बैरल बताया। किसी पक्ष ने विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली और अधिकारियों ने कारण घोषित नहीं किया है।
उपग्रह से लगाए गए अनुमान अलग हैं क्योंकि चित्र अलग समय और अलग तरीकों से जांचे गए। एसोसिएटेड प्रेस ने हाल की तस्वीरों के आधार पर प्रदूषण का क्षेत्र 600 वर्ग किलोमीटर से अधिक बताया। रॉयटर्स के अनुसार उपग्रह आंकड़ों का अध्ययन करने वाले तेल रिसाव विशेषज्ञ जॉन एमोस ने इसे 2,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक आंका, जबकि ओमानी अधिकारियों ने पहले छोटा प्रभावित क्षेत्र बताया था।
पर्यावरण प्राधिकरण ने कहा कि प्रदूषण रास मद्रकाह के पास लगभग 40 किलोमीटर तट को प्रभावित कर सकता है और दक्षिणी मसीराह अगला प्रभावित क्षेत्र हो सकता है। तेज हवा और मानसूनी धाराओं ने उत्तर-पूर्व की ओर फैलाव बढ़ाया है। जहाज उस समुद्री अभयारण्य के पास है जहां अरब सागर की हंपबैक व्हेल, सोकोट्रा कॉर्मोरेंट और अन्य जीव रहते हैं, इसलिए भोजन और प्रजनन स्थलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है।
समाचार एजेंसियों द्वारा उद्धृत जहाज निगरानी आंकड़ों के अनुसार कैरोलिन बेजेंगी रूस के काला सागर स्थित नोवोरोसिस्क बंदरगाह से भारत के लिए निकला था। ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने रूसी तेल ढोने में भूमिका के कारण टैंकर पर प्रतिबंध लगाए हैं। समुद्री रिपोर्टों ने इसे प्रतिबंधित माल ले जाने वाले जहाजों के बेड़े से जोड़ा है। इसके मालिकों के शंघाई में होने का अनुमान है।
ओमान के पर्यावरण प्राधिकरण ने कहा कि वह रिसाव और तटीय प्रदूषण की निगरानी कर रहा है। समुद्र तट तक पहुंचता तेल समुद्र में रोकथाम, संवेदनशील द्वीपों की सुरक्षा और सफाई की तत्काल जरूरत बढ़ाता है, हालांकि बुधवार तक निकले तेल की पूरी मात्रा जारी नहीं हुई थी। आगे के हवाई और उपग्रह सर्वेक्षण बताएंगे कि परत कितनी दूर जाती है और किन आवासों को पहले बचाना होगा।
टिप्पणियाँ