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अंतिम अवसर वाली वार्ता पर अमेरिका और ईरान के दावे आमने-सामने

प्रकाशित 4 अगस्त 2026 581 दृश्य

अमेरिका और ईरान ने सोमवार और मंगलवार को कूटनीतिक बातचीत दोबारा शुरू होने के बारे में बिल्कुल विरोधी दावे किए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वार्ता शुरू हो गई है और यह समझौते के लिए तेहरान का अंतिम अवसर है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने वॉशिंगटन से कोई बातचीत होने से इनकार किया और कहा कि उसका संपर्क केवल ओमान से है तथा उसका विषय होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन है।

यह विवाद ट्रंप द्वारा धमकी दी गई नई अमेरिकी हमलों की लहर रोकने के बाद सामने आया। उन्होंने कहा कि कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के अनुरोधों ने उनके निर्णय को प्रभावित किया तथा ईरानी अधिकारियों ने बैठक मांगी थी। ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इस विवरण को खारिज किया, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच अक्सर मध्यस्थ रहने वाले ओमान से चर्चा की पुष्टि की।

एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार पांच महीने के संघर्ष में सैन्य धमकियों और अंतिम क्षण की कूटनीतिक रोक का क्रम कई बार दोहराया गया है। नवीनतम घटनाक्रम शुक्रवार को शुरू हुआ, जब ट्रंप ने ईरान पर अधिक कठोर प्रहार की चेतावनी दी; फिर सप्ताहांत में उन्होंने कहा कि प्रगति के संकेत कूटनीति को अधिक समय देने का आधार हैं। रॉयटर्स ने जुलाई के अंत में बताया था कि जून के ढांचे में अगस्त के अंत तक परमाणु कार्यक्रम सहित प्रमुख विवादों पर बातचीत का प्रावधान था।

राजनीतिक प्रभाव वार्ता कक्ष से आगे जाते हैं। पिछले सप्ताह प्रकाशित एपी-एनओआरसी सर्वेक्षण में लगभग दो-तिहाई अमेरिकी वयस्कों ने कहा कि युद्ध सार्थक नहीं रहा। इनमें अधिकांश डेमोक्रेट और निर्दलीय तथा करीब 37 प्रतिशत रिपब्लिकन शामिल थे। ट्रंप ने नवंबर के मध्यावधि चुनावों से अपनी नीति प्रभावित होने से इनकार किया है, लेकिन रिपब्लिकन सीनेटर जॉन केनेडी ने चेताया कि अधिक तनाव ऊर्जा कीमतों और महंगाई को बढ़ा सकता है।

दोनों देशों के दावों में टकराव ऐसे समय हुआ जब होर्मुज जलडमरूमध्य खतरनाक बना हुआ है। ब्रिटेन के समुद्री व्यापार संचालन केंद्र के अनुसार मंगलवार तड़के ओमान के अल खासाब से लगभग 37 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में एक मालवाहक जहाज ने अज्ञात प्रक्षेप्य लगने की सूचना दी। सुरक्षा कंपनी एम्ब्रे ने जहाज को नुकसान की पुष्टि की, लेकिन उसकी पहचान या संभावित हताहतों की जानकारी तुरंत उपलब्ध नहीं थी।

एपी के अनुसार युद्ध से पहले दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल और प्राकृतिक गैस इस जलमार्ग से गुजरता था, इसलिए सुरक्षित आवागमन कूटनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था दोनों के लिए केंद्रीय है। यह स्पष्ट नहीं है कि ओमान के जरिए अप्रत्यक्ष संपर्क मान्य अमेरिका-ईरान वार्ता बनेगा या नहीं। अगली कसौटियां जहाजों की आवाजाही में सुधार, वार्ता के प्रारूप की दोनों पक्षों से पुष्टि और व्यापक अमेरिकी हमलों का स्थगन जारी रहना होंगी।

स्रोत: Associated Press, Reuters, El País, Cadena SER

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