रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 16 सितंबर को वाशिंगटन में रूस और ईरान पर प्रतिबंधों का विधेयक पारित कर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भेजा। 262–159 का मतदान मॉस्को के युद्ध वित्तपोषण को सीमित करने और राष्ट्रपति की शुल्क शक्तियां बढ़ाने की दिशा में कदम है। कांग्रेस के बयानों ने नतीजे की पुष्टि की।
विधेयक का नाम दिवंगत सीनेटर लिंडसी ओ. ग्राहम पर है। सीनेटर केटी ब्रिट के कार्यालय के अनुसार, सीनेट ने इसे 7 अगस्त को 86–11 मतों से पारित किया था। रॉयटर्स के मुताबिक, प्रतिनिधि सभा के 58 डेमोक्रेट अधिकांश रिपब्लिकनों के साथ समर्थन में आए, जबकि सात रिपब्लिकनों ने विरोध किया। यूक्रेन पर रूस का पूर्ण पैमाने का आक्रमण फरवरी 2022 में शुरू हुआ था।
ब्रिट के कार्यालय के मुताबिक, पैकेज रूसी अधिकारियों, प्रभावशाली धनकुबेरों, बैंकों और प्रतिबंधों से बचने वाले तेल टैंकरों के छाया बेड़े को निशाना बनाता है। यह ईरान प्रतिबंध कानून को भी पांच वर्ष बढ़ाता है, जिससे उसके ऊर्जा और हथियार क्षेत्रों पर अधिकार बने रहें। ये प्रावधान अभी राष्ट्रपति के फैसले की प्रतीक्षा में हैं।
ब्रिट के विवरण के अनुसार, रूसी तेल या गैस के पांच सबसे बड़े आयातकों अथवा तेल प्रतिबंधों से बचने में प्रमुख मददगारों पर शुल्क 100% तक हो सकता है। छूट उन देशों के लिए है जो रूसी गैस खरीद में उल्लेखनीय कटौती कर रहे हों और जिनकी खरीद रूस के कुल गैस निर्यात के 15% से कम हो।
प्रस्तावित शक्तियों ने डेमोक्रेटों को बांटा। सांसद ग्रेगरी मीक्स ने कहा कि शुल्क पर पर्याप्त सुरक्षा प्रावधान नहीं हैं और ट्रंप प्रतिबंध लागू करेंगे, यह सुनिश्चित नहीं है। उन्होंने अमेरिकी लोगों पर लागत और साझेदारों को नुकसान की चेतावनी दी। सीनेटर जीन शाहीन ने समर्थन में कहा कि रूसी ऊर्जा आय घटने से वार्ता में यूक्रेन की स्थिति मजबूत होगी।
शाहीन ने ट्रंप से तत्काल हस्ताक्षर कर मॉस्को को बातचीत की ओर धकेलने का आग्रह किया। समर्थक इसे रूस के युद्ध की लागत बढ़ाने का उपाय बताते हैं; मीक्स को संदेह है कि प्रशासन इसे इच्छित तरीके से लागू करेगा। अगला कदम राष्ट्रपति का फैसला है, जिसके बाद कानून बनने पर अमल होगा।
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