होम पर वापस जाएं ईरान को अलग-थलग करने के लिए अमेरिका ने द्वितीयक प्रतिबंध बढ़ाए विश्व

ईरान को अलग-थलग करने के लिए अमेरिका ने द्वितीयक प्रतिबंध बढ़ाए

प्रकाशित 24 अगस्त 2026 0 दृश्य

संयुक्त राज्य अमेरिका ने सोमवार को ईरान के खिलाफ द्वितीयक प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाने की घोषणा की और विदेशी सरकारों, बैंकों तथा कंपनियों को चेतावनी दी कि वे तेहरान के साथ कारोबार घटाएं, अन्यथा डॉलर आधारित वित्तीय व्यवस्था तक उनकी पहुंच खतरे में पड़ सकती है। वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य ईरान को सहारा देने वाले हर राजस्व स्रोत को रोकना है, लेकिन उन्होंने संभावित रूप से प्रभावित देशों या कार्रवाई शुरू होने की तारीख नहीं बताई।

वित्त मंत्रालय ने कहा कि अभियान में तेल बिक्री और प्रतिबंधों से बचने से जुड़े नेटवर्क शामिल हैं, जबकि डिजिटल संपत्ति, प्रौद्योगिकी, सोना, विमानन और जहाजरानी क्षेत्रों को भी चेतावनी दी गई है। रॉयटर्स के अनुसार वाशिंगटन ने लगभग 60 व्यक्तियों, संस्थाओं और जहाजों पर भी प्रतिबंध लगाए। बेसेंट ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान के वित्तीय रास्तों का नक्शा तैयार किया है और वे सहयोगी देशों के साथ मिलकर अवैध माने जाने वाले राजस्व को निशाना बनाएंगे।

यह घोषणा ईरान के सभी व्यापारिक साझेदारों पर तत्काल व्यापक दंड लगाने के बजाय अधिक बड़े द्वितीयक कदमों से पहले की चेतावनी अवधि है। बेसेंट ने कहा कि सरकारों को अपना रुख बदलने का अवसर मिल रहा है, लेकिन तेहरान के लिए धन शोधन करने वाली संस्थाओं को अमेरिकी डॉलर व्यवस्था से बाहर किया जा सकता है। प्रशासन ने इस अवधि की लंबाई नहीं बताई, इसलिए कंपनियों और सरकारों को अपने जोखिम का आकलन करना होगा।

एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार चीन, तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात ईरान के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में हैं। लंबे समय से ईरानी तेल के सबसे बड़े खरीदार चीन ने दबाव की नीति खारिज की और अपने वैध हितों की रक्षा करने की बात कही। पिछले सप्ताह एक कथित मिसाइल हमले के बाद अमीरात ने ईरान के साथ व्यापार और वित्तीय लेनदेन निलंबित कर दिया था, जिसे बेसेंट ने अमेरिकी कूटनीति के असर के प्रमाण के रूप में पेश किया।

ईरान ने पहल को खारिज करते हुए कहा कि दशकों के प्रतिबंध उसकी नीतियों को बदलने में विफल रहे हैं। संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने कहा कि ईरान के साझेदार अमेरिकी चेतावनियों को महत्व नहीं दे रहे, जबकि अन्य ईरानी अधिकारियों ने और तनाव बढ़ने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। तेहरान ने बिना अनुमति होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को फिर चेताया, जिससे ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।

ये उपाय अमेरिका और इजराइल के ईरान के साथ संघर्ष शुरू होने के लगभग छह महीने बाद आए हैं, जिसने क्षेत्रीय जहाजरानी और तेल आपूर्ति को बाधित किया है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर मध्यस्थता के प्रयास में सोमवार को तेहरान पहुंचे, जबकि औपचारिक अमेरिकी-ईरानी वार्ता जून से रुकी है। अभियान की प्रभावशीलता और वैश्विक लागत इस पर निर्भर करेगी कि वाशिंगटन किन विदेशी बैंकों और कंपनियों को निशाना बनाता है, दंड कितनी जल्दी शुरू होते हैं और बड़े साझेदार पालन करते हैं या जवाबी कार्रवाई करते हैं।

स्रोत: Reuters, Associated Press, CBS News, El País, U.S. Department of the Treasury statements

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