अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने २७ अक्टूबर को वह नियम बहाल करने से इनकार कर दिया जो आव्रजन न्यायाधीशों को कुछ निर्वासन कार्यवाहियां रोकने देता था। रॉयटर्स और एपी के अनुसार, इससे टेक्सस और ट्रंप प्रशासन का समझौता प्रभावी रहेगा, जिसने बाइडन के समय के नियम को अवरुद्ध किया था। इस नियम और समझौते से संबंधित कानूनी विवाद पर मुकदमा अभी जारी है।
बाल्टीमोर, न्यू हेवन और कोलंबस ने सेंट्रो लीगल डे ला रासा के साथ इस नीति के बचाव में आपात राहत मांगी थी। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, अदालत ने बिना कारण बताए एक वाक्य का आदेश दिया और किसी न्यायाधीश ने सार्वजनिक असहमति नहीं जताई। अस्थायी रोक से इनकार मूल कानूनी विवाद पर अंतिम फैसला नहीं है।
प्रशासनिक समापन नामक प्रक्रिया न्यायाधीशों को मामले सक्रिय सूची से हटाने देती है, जबकि वीजा आवेदन जैसी अन्य कार्यवाहियां लंबित रहती हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, दशकों में लाखों मामलों में इसका उपयोग हुआ है। बाइडन प्रशासन ने २०२४ में इसे औपचारिक बनाया था और कहा था कि इससे मामलों का कुशल प्रबंधन और प्रवासियों के साथ निष्पक्ष व्यवहार संभव होता है।
रॉयटर्स के अनुसार, टेक्सस ने २२ जून को नियम को चुनौती दी और संघीय सरकार उसी दिन उसे अमान्य करने वाले फैसले पर सहमत हो गई। न्यायाधीश रीड ओकॉनर ने समझौते को मंजूरी दी। चुनौती देने वालों का आरोप था कि दोनों पक्षों ने सार्वजनिक नियम निर्माण प्रक्रिया से बचने के लिए सहयोग किया। टेक्सस का तर्क था कि इस व्यवस्था से बिना कानूनी दर्जे वाले लोग अनिश्चित काल तक रह सकते हैं। नियम के समर्थकों ने इसका विरोध किया।
सुप्रीम कोर्ट में न्याय विभाग ने कहा कि शहरों और संगठन के पास चुनौती देने की पात्रता नहीं है तथा उन्होंने अपील के दौरान अपूरणीय क्षति साबित नहीं की। शहरों ने कहा कि प्रक्रिया समाप्त होने से निर्वासन बढ़ेंगे और स्थानीय राजस्व व पुलिस के काम को नुकसान होगा; संगठन ने संसाधनों पर दबाव बताया। ये पक्षों के दावे हैं। आपात राहत न मिलने से चुनौती जारी रहने तक नियम अवरुद्ध रहेगा।
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