विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 27 जुलाई को चेतावनी दी कि उपचार और रोकथाम में बड़ी प्रगति के बावजूद एचआईवी, वायरल हेपेटाइटिस और यौन संचारित संक्रमणों के विरुद्ध वैश्विक कार्रवाई 2030 के लक्ष्यों को पाने की राह पर नहीं है। 122 पन्नों का नया मध्यावधि आकलन रियो डी जेनेरो में 26वें अंतरराष्ट्रीय एड्स सम्मेलन के दौरान और विश्व हेपेटाइटिस दिवस से पहले जारी हुआ। इसमें कहा गया कि धन में व्यवधान, मानवीय आपातस्थितियां और लगातार असमानता हाल की उपलब्धियों को पलट सकती हैं।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार 2025 के अंत तक एचआईवी के साथ जी रहे करीब 3.2 करोड़ लोग उपचार ले रहे थे। 2010 से नए एचआईवी संक्रमण 42 प्रतिशत और एड्स से जुड़ी मौतें 57 प्रतिशत घटी हैं, फिर भी 90 लाख लोगों को जीवनरक्षक उपचार नहीं मिलता। कई क्षेत्रों में नए संक्रमण बढ़ रहे हैं, खासकर पुरुषों के साथ यौन संबंध रखने वाले पुरुषों, यौनकर्मियों, इंजेक्शन से नशीले पदार्थ लेने वालों, ट्रांसजेंडर लोगों और जेलों में बंद लोगों के बीच।
हेपेटाइटिस की तस्वीर भी मिली-जुली है। 2015 से हेपेटाइटिस बी के वार्षिक संक्रमण 32 प्रतिशत और हेपेटाइटिस सी से जुड़ी मौतें 12 प्रतिशत घटी हैं, लेकिन वायरल हेपेटाइटिस ने 2024 में अनुमानित 13 लाख लोगों की जान ली। विशेष रूप से हेपेटाइटिस बी से जुड़ी मौतें 2015 से 17 प्रतिशत बढ़ी हैं। गंभीर यकृत रोग और मृत्यु रोकने वाली प्रभावी दवाएं उपलब्ध होने के बावजूद जांच और उपचार का दायरा कम है।
अन्य यौन संचारित संक्रमणों के खिलाफ प्रगति असमान बनी हुई है। संगठन ने मजबूत राष्ट्रीय नीतियों, गर्भावस्था में सिफलिस की बेहतर जांच और उपचार तथा एचपीवी टीकाकरण में मामूली वृद्धि दर्ज की। साथ ही कई देशों और समुदायों में संक्रमण दर बढ़ रही है, एंटीबायोटिक प्रतिरोध से गोनोरिया का उपचार कठिन हो रहा है और कमजोर निगरानी प्रणालियां बीमारी के बोझ का सही आकलन सीमित करती हैं।
डब्ल्यूएचओ ने प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल में सेवाओं के एकीकरण को तेज प्रगति का सबसे स्पष्ट रास्ता बताया। उसने देशों से एचआईवी, हेपेटाइटिस और यौन संक्रमण सेवाओं को तपेदिक, प्रजनन स्वास्थ्य, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और गैर-संचारी रोगों की देखभाल से जोड़ने को कहा। संगठन ने बहु-रोग जांच, मजबूत डिजिटल निगरानी और साल में दो बार लगाए जाने वाले लेनाकैपाविर पर भी जोर दिया, जिसे 10 देश शुरू कर रहे हैं और 14 अन्य देश लागू करने की योजना बना रहे हैं।
संगठन ने सरकारों से धन संकट के दौरान आवश्यक कार्यक्रमों की रक्षा करने, सामुदायिक नेतृत्व बढ़ाने और देखभाल से सबसे दूर लोगों पर निवेश केंद्रित करने का आग्रह किया। उसने एचआईवी, सिफलिस और हेपेटाइटिस बी का मां से बच्चे में संक्रमण समाप्त करने को भी प्राथमिकता दी। यह आकलन 2022–2030 रणनीति के दूसरे हिस्से का मार्गदर्शन करेगा, जब देश नई अंतरराष्ट्रीय एचआईवी प्रतिबद्धताओं को लागू करेंगे और उपलब्ध चिकित्सा साधनों तथा वास्तविक पहुंच के बीच बढ़ते अंतर का सामना करेंगे।
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