बांग्लादेश ने 5 सितंबर को पुष्ट खसरे या उससे मिलते-जुलते लक्षणों वाली बीमारी से जुड़े चार और बच्चों की मौत की सूचना दी, जिससे 15 मार्च के बाद संयुक्त संख्या 991 हो गई। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के राष्ट्रीय अपडेट में पिछले 24 घंटों के दौरान 843 नए संदिग्ध मामले और प्रयोगशाला में पुष्ट 74 संक्रमण भी दर्ज किए गए। कई महीनों की कार्रवाई के बावजूद ये आंकड़े बताते हैं कि संक्रमण अब भी तेजी से फैल रहा है।
स्वास्थ्य महानिदेशालय ने बताया कि 100 मौतें प्रयोगशाला में पुष्ट खसरे के बाद हुईं, जबकि 891 बच्चों में संदिग्ध लक्षण थे। कुल पुष्ट संक्रमण 19,641 और संदिग्ध मामले 163,105 हो गए हैं। अधिकारी दोनों श्रेणियों को अलग रखते हैं, क्योंकि बड़े संयुक्त आंकड़े में शामिल ज्यादातर बीमारियों और मौतों की प्रयोगशाला से पुष्टि नहीं हुई है। प्रकोप की सही तस्वीर समझने के लिए यह अंतर महत्वपूर्ण है।
मार्च के मध्य से अस्पतालों में खसरे के संदेह वाले 143,214 मरीज भर्ती हुए हैं और उनमें से 137,921 स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। अनादोलु एजेंसी के अनुसार संयुक्त मौतों में 464 ढाका संभाग में हुईं, जो घनी आबादी वाले राजधानी क्षेत्र पर भारी बोझ दिखाता है। खसरा हवा और सांस की बूंदों से फैलता है तथा निमोनिया, दस्त, मस्तिष्क की सूजन, अंधापन और मृत्यु का कारण बन सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने व्यापक संक्रमण, प्रतिरक्षा में बड़ी कमी और नियमित टीकाकरण की उम्र से छोटे बच्चों में संक्रमण के कारण राष्ट्रीय जोखिम को पहले ही उच्च आंका था। संगठन ने बीमारी की वापसी को 2024 और 2025 में देशव्यापी खसरा-रूबेला टीके की कमी, नियमित टीकाकरण में अंतर और 2020 के बाद नियमित राष्ट्रीय पूरक अभियान न होने से जोड़ा।
बांग्लादेश ने 5 अप्रैल को अधिक जोखिम वाले जिलों में आपात खसरा-रूबेला अभियान शुरू किया और बाद में इसे पूरे देश में फैलाया। अनादोलु के अनुसार नियमित सेवाओं के अलावा विशेष कार्यक्रम से लगभग 1 करोड़ 94 लाख 80 हजार बच्चों को टीका लगाया गया है। सरकार सितंबर के आखिर में एक और विशेष राष्ट्रीय अभियान चलाने की योजना बना रही है, ताकि पिछली बार छूट गए बच्चों तक पहुंचा जा सके।
विश्व स्वास्थ्य संगठन दोनों खसरा खुराकों के साथ कम से कम 95 प्रतिशत की निरंतर और समान कवरेज, मजबूत निगरानी तथा तेज चिकित्सकीय कार्रवाई की सिफारिश करता है। बांग्लादेश ने त्वरित प्रतिक्रिया दल सक्रिय किए, अस्पतालों की तैयारी सुधारी और संदिग्ध तथा पुष्ट मरीजों के लिए विटामिन ए उपलब्ध कराया है। फिर भी नई मौतें दिखाती हैं कि शेष प्रतिरक्षा अंतर को बंद करना और पुष्ट खसरे को समान लक्षण वाली बीमारियों से अलग पहचानना प्रकोप नियंत्रण के लिए आवश्यक है।
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