न्यूज़ीलैंड के औषधि नियामक ने दो मनोचिकित्सकों को पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर से पीड़ित पात्र वयस्कों के लिए निगरानी वाले उपचार कार्यक्रमों में औषधीय गुणवत्ता की एमडीएमए लिखने की अनुमति दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने 4 सितंबर को निर्णय की घोषणा करते हुए कहा कि यह विकल्प उन सीमित मरीजों के लिए है जिनके लक्षणों पर पारंपरिक उपचारों का असर नहीं हुआ है।
अनुमति एमडीएमए-सहायित मनोचिकित्सा के लिए है, जिसमें नियंत्रित मात्रा को व्यापक उपचार योजना के एक हिस्से के रूप में मनोचिकित्सा के साथ जोड़ा जाता है। इलाज अधिकृत मनोचिकित्सक की देखरेख में चिकित्सकीय परिसर में होगा और मरीजों को घर ले जाने के लिए दवा नहीं मिलेगी। इसमें अवैध एक्स्टसी से जुड़ा वही सक्रिय तत्व है, लेकिन उपचार में प्रयुक्त उत्पाद औषधीय मानकों के अनुसार बनाया जाता है।
सुरक्षा नियमों के तहत मरीज की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए और उसका विस्तृत चिकित्सकीय आकलन जरूरी है। दोनों मनोचिकित्सकों को स्वीकृत उपचार प्रोटोकॉल का पालन करना, सूचित सहमति लेना और प्रत्येक मरीज की पात्रता अलग से तय करना होगा। मेडसेफ ने उनसे पर्याप्त विशेषज्ञता साबित करने और सुरक्षित तथा उचित उपचार व्यवस्था की विस्तृत योजना देने को कहा था।
मंत्रालय ने जोर दिया कि यह फैसला न्यूज़ीलैंड में एमडीएमए को सामान्य दवा के रूप में स्वीकृति नहीं देता। पीटीएसडी में इसके उपयोग के प्रमाण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभी विकसित हो रहे हैं और अधिकार केवल इन दो चिकित्सकों तक सीमित है। इसका उपयोग चाहने वाले किसी अन्य चिकित्सक को मेडसेफ से अलग अनुमति लेनी होगी, जिससे हर आवेदन की नियामकीय निगरानी बनी रहेगी।
यह कदम न्यूज़ीलैंड को ऑस्ट्रेलिया के करीब लाता है, जहां अधिकृत मनोचिकित्सक 2023 से पीटीएसडी के लिए एमडीएमए-सहायित मनोचिकित्सा दे सकते हैं। इससे पहले 2025 में न्यूज़ीलैंड ने उपचार-प्रतिरोधी अवसाद के लिए एक मनोचिकित्सक को औषधीय साइलोसाइबिन लिखने की अनुमति दी थी। अधिकारियों के अनुसार अभी दो चिकित्सकों को साइलोसाइबिन और दो को एमडीएमए की अनुमति है।
मेडसेफ ने कहा कि उसने अभिनव उपचार तक पहुंच और मरीजों को संभावित नुकसान से बचाने की जरूरत के बीच संतुलन पर विचार किया। शुरुआत में व्यावहारिक प्रभाव सीमित रहेगा, क्योंकि दवा लिखने का अधिकार बहुत संकीर्ण है, चिकित्सकीय नियंत्रण व्यापक हैं और उपचार केवल छोटी आबादी के अनुकूल रहने की उम्मीद है। भविष्य की पहुंच अतिरिक्त व्यक्तिगत अनुमतियों और अंतरराष्ट्रीय प्रमाणों के विकास पर निर्भर करेगी।
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