होम पर वापस जाएं कांगो में इबोला के पुष्ट मामले 6,000 के पार स्वास्थ्य

कांगो में इबोला के पुष्ट मामले 6,000 के पार

प्रकाशित 1 सितंबर 2026 0 दृश्य

कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में इबोला के 6,041 पुष्ट मामले और 2,911 मौतें दर्ज की गई हैं, अधिकारियों ने सोमवार 31 अगस्त को यह जानकारी दी। देश के पूर्वी हिस्से में बुंडिबुग्यो वायरस से फैला प्रकोप अभूतपूर्व गति से बढ़ता रहा है। सरकार के नवीनतम आंकड़ों में 1,366 लोगों के ठीक होने की भी जानकारी है। यह कांगो के इतिहास का सबसे घातक और दुनिया में दर्ज सबसे तेजी से बढ़ने वाला इबोला प्रकोप बन गया है।

सरकारी अद्यतन के अनुसार संक्रमण छह प्रांतों और 60 स्वास्थ्य क्षेत्रों में सक्रिय है। अधिकारियों ने बताया कि 619 रोगी पृथक रखे गए हैं या अस्पताल में भर्ती हैं और संपर्कों की पहचान 82.4 प्रतिशत तक पहुंची है। पिछले सप्ताह उत्तरी किवु के दो अतिरिक्त स्वास्थ्य क्षेत्रों में संक्रमण मिला, जिससे पता चलता है कि विस्थापित लोगों की व्यापक आवाजाही के बीच वायरस इतुरी के शुरुआती केंद्र से बाहर फैल चुका है।

कांगो के अधिकारियों ने 15 मई को औपचारिक रूप से प्रकोप घोषित किया था, हालांकि बाद के आनुवंशिक विश्लेषण ने संकेत दिया कि संक्रमण फरवरी में शुरू हो गया था। बुंडिबुग्यो इबोला की एक दुर्लभ प्रजाति है, जिसके लिए विशेष रूप से स्वीकृत टीका या उपचार उपलब्ध नहीं है। संक्रमित व्यक्ति के रक्त या अन्य शारीरिक द्रवों से सीधे संपर्क में आने पर वायरस फैलता है, इसलिए सुरक्षित पृथक्करण, तेज जांच, संपर्क निगरानी और सम्मानजनक अंतिम संस्कार रोकथाम के लिए जरूरी हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपने नवीनतम विस्तृत आकलन में कहा कि असुरक्षा, आबादी की आवाजाही, समुदायों का अविश्वास और निगरानी तथा संक्रमण नियंत्रण की कमियां कार्रवाई में बाधा डाल रही हैं। स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल और उपचार केंद्रों पर दबाव ने मुश्किलें बढ़ाई हैं। संगठन ने चेतावनी दी कि संक्रमण की दिशा जल्द नहीं बदली तो यह प्रकोप 2013 से 2016 के पश्चिम अफ्रीकी प्रकोप का स्तर पार कर सकता है, जिसमें 11,000 से अधिक मौतें हुई थीं।

कांगो ने अगस्त के अंत में स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों को एर्वेबो टीका लगाना शुरू किया। यह टीका अलग जाइरे इबोला वायरस के खिलाफ प्रभावी साबित हुआ है, लेकिन बुंडिबुग्यो के विरुद्ध इसकी सुरक्षा का आकलन चल रहा है। इसलिए अधिकारी टीकाकरण को संपर्क खोज, सुरक्षा उपकरण या चिकित्सकीय देखभाल का विकल्प नहीं मानते। अफ्रीका सीडीसी निगरानी, प्रयोगशालाओं, सीमा-पार समन्वय और सामुदायिक संवाद में सहायता कर रहा है।

नया आंकड़ा संक्रमण को जल्दी खोजने और आगे भौगोलिक फैलाव रोकने की दौड़ को और कठिन बनाता है। स्वास्थ्य एजेंसियां छह प्रभावित प्रांतों की निगरानी के साथ चिकित्सा कर्मचारियों की रक्षा, जनता का भरोसा बहाल करने और आवश्यक सेवाएं जारी रखने का प्रयास कर रही हैं। आने वाले मामले, प्रयोगात्मक चिकित्सा उपायों के परिणाम और ज्ञात संपर्कों से जुड़े मामलों का अनुपात बताएगा कि नियंत्रण प्रयास संक्रमण की गति कम कर रहे हैं या नहीं।

स्रोत: Associated Press, Democratic Republic of the Congo Ministry of Communication and Media, World Health Organization, Africa Centres for Disease Control and Prevention

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