अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने 27 अगस्त को लिसराया, यानी ब्रेपोसिटिनिब, को डर्माटोमायोसाइटिस वाले वयस्कों के लिए विशेष रूप से स्वीकृत पहले मौखिक उपचार के रूप में मंजूरी दी। दिन में एक बार ली जाने वाली 30 मिलीग्राम की गोली इस दुर्लभ स्वप्रतिरक्षित रोग से पीड़ित लोगों को लक्षित विकल्प देती है। दशकों से उपचार अक्सर कॉर्टिकोस्टेरॉइड, व्यापक प्रतिरक्षा-दमनकारी दवाओं और नस के जरिए दी जाने वाली इम्युनोग्लोबुलिन पर निर्भर रहा है।
डर्माटोमायोसाइटिस तब होता है जब प्रतिरक्षा तंत्र मांसपेशियों और त्वचा पर हमला करता है, जिससे पुरानी सूजन, बढ़ती कमजोरी और विशेष प्रकार के चकत्ते होते हैं जो दर्दनाक हो सकते हैं या खुजली पैदा कर सकते हैं। यह पूरे शरीर को प्रभावित करने वाला रोग कपड़े पहनने, सीढ़ियां चढ़ने और रोजमर्रा के काम करने जैसी बुनियादी गतिविधियों को सीमित कर सकता है। एफडीए के अनुसार ब्रेपोसिटिनिब प्रतिरक्षा और सूजन संबंधी संकेतों में शामिल JAK और TYK2 मार्गों को रोककर मांसपेशियों तथा त्वचा को नुकसान पहुंचाने वाली सूजन घटाता है।
निर्णय VALOR नामक तीसरे चरण के यादृच्छिक, दोहरे-अंध और बहुकेंद्रीय परीक्षण पर आधारित था। इसमें 241 ऐसे वयस्क शामिल थे जिनका रोग पिछले उपचार से पर्याप्त रूप से नियंत्रित नहीं हुआ था। प्रतिभागियों ने 52 सप्ताह तक रोज 30 मिलीग्राम ब्रेपोसिटिनिब, 15 मिलीग्राम या प्लेसिबो लिया। स्वीकृत सहायक उपचार जारी रहे और ग्लूकोकॉर्टिकोइड की मात्रा धीरे-धीरे घटाई गई। शोधकर्ताओं ने मांसपेशियों की शक्ति, शारीरिक क्षमता, त्वचा और अन्य रोग गतिविधि, मांसपेशी एंजाइम तथा रोगी और चिकित्सक के आकलन वाले संयुक्त सूचकांक से सुधार मापा।
प्रकाशित नतीजों के अनुसार 52वें सप्ताह में स्वीकृत 30 मिलीग्राम समूह का औसत कुल सुधार स्कोर 46.5 था, जबकि प्लेसिबो समूह में यह 31.2 रहा। अधिक खुराक ने नौ प्रमुख द्वितीयक मानकों पर भी बेहतर प्रदर्शन किया और लाभ चौथे सप्ताह से दिखने लगे। रोइवैंट ने बताया कि उपचार पाने वाले 55 प्रतिशत रोगियों ने स्टेरॉइड के बहुत कम या बिना उपयोग के कम से कम मध्यम सुधार हासिल किया, जबकि प्लेसिबो समूह में यह अनुपात 30 प्रतिशत था।
दवा के साथ महत्वपूर्ण जोखिम भी हैं। आम प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं में ऊपरी श्वसन संक्रमण, सिरदर्द, थकान, मूत्र मार्ग संक्रमण और मतली शामिल थे। परीक्षण में 30 मिलीग्राम लेने वाले 10 प्रतिशत रोगियों में गंभीर संक्रमण हुआ, जबकि प्लेसिबो समूह में यह 1 प्रतिशत था। प्रमुख चेतावनी में गंभीर संक्रमण के अलावा कैंसर, बड़ी हृदय-संवहनी घटनाएं, रक्त के थक्के और मृत्यु का बढ़ा जोखिम शामिल है। इसे अन्य JAK या TYK2 अवरोधकों अथवा जैविक रोग-संशोधक दवाओं के साथ लेने की सलाह नहीं दी गई है।
मंजूरी से पहले एफडीए ने दवा को प्राथमिकता समीक्षा और दुर्लभ रोग की दवा का दर्जा दिया था, जो बीमारी की गंभीरता और दुर्लभता को दर्शाता है। रोइवैंट ने कहा कि अमेरिका में विशेष फार्मेसियों के जरिए दवा तुरंत उपलब्ध है। स्वीकृति से विकल्प बढ़ता है, लेकिन चिकित्सकों को संक्रमण, कैंसर, हृदय-संवहनी समस्या और थक्के के जोखिम का आकलन करना, रोगियों की सावधानी से निगरानी करना और तय करना होगा कि नई दवा मौजूदा उपचार की जगह लेगी या उसके साथ दी जाएगी।
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