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डब्ल्यूएचओ ने बच्चों के लिए सिकल सेल दवाओं की पहुंच बढ़ाने की पहल की

प्रकाशित 2 सितंबर 2026 0 दृश्य

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सिकल सेल रोग से पीड़ित बच्चों के लिए उपयुक्त दवाओं की पहुंच बढ़ाने का समन्वित अभियान शुरू किया है। शुरुआती प्राथमिकता उन देशों में हाइड्रॉक्सीयूरिया उपलब्ध कराना है जहां जांच और उपचार सीमित हैं। एक सितंबर को घोषित इस पैकेज में चिकित्सकीय दिशा-निर्देश, दवा की विशेषताएं और निर्माताओं के लिए नई पूर्व-योग्यता प्रक्रिया जोड़ी गई है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार 2021 में इस रोग ने पांच साल से कम उम्र के लगभग 81,100 बच्चों की मौत में योगदान दिया और करीब 80 प्रतिशत मामले उप-सहारा अफ्रीका में हैं।

सिकल सेल रोग दुनिया का सबसे आम आनुवंशिक रक्त विकार है। असामान्य हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं का आकार बिगाड़ सकता है, रक्त प्रवाह रोक सकता है और गंभीर दर्द, एनीमिया, संक्रमण, एक्यूट चेस्ट सिंड्रोम, स्ट्रोक तथा अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। डब्ल्यूएचओ का कहना है कि सबसे अधिक बोझ निम्न और मध्यम आय वाले देशों पर है, हालांकि पूर्वी भूमध्य क्षेत्र, कैरेबियन, दक्षिण एशिया, लैटिन अमेरिका और प्रवासी समुदाय भी प्रभावित हैं। नवजात जांच, समग्र देखभाल और रोग को बदलने वाले उपचार की असमान उपलब्धता के कारण रोकी जा सकने वाली जटिलताओं का इलाज नहीं हो पाता।

यह पहल मई में प्रकाशित शून्य से 19 वर्ष के मरीजों के लिए डब्ल्यूएचओ के पहले समर्पित चिकित्सकीय दिशा-निर्देश पर आधारित है। सात प्राथमिक क्षेत्रों में उसकी 15 सिफारिशों में नौ महीने से 19 वर्ष तक सिकल सेल एनीमिया वाले सभी बच्चों और किशोरों को बीमारी की गंभीरता से अलग हाइड्रॉक्सीयूरिया देने की मजबूत सिफारिश शामिल है। यह दवा दर्द के दौरों, एक्यूट चेस्ट सिंड्रोम, अस्पताल में भर्ती होने और रक्त चढ़ाने की जरूरत को घटा सकती है, लेकिन सुरक्षित इस्तेमाल के लिए रक्त गणना, संक्रमण निगरानी, टीकाकरण, अभिभावकों को जानकारी और विश्वसनीय रेफरल व्यवस्था भी जरूरी है।

डब्ल्यूएचओ ने बच्चों के हाइड्रॉक्सीयूरिया के लिए लक्ष्य उत्पाद प्रोफाइल भी जारी किया है। इसमें दवा के रूप, मात्रा, वजन के अनुसार लचीली खुराक, स्थिरता, पैकेजिंग और वहनीय कीमत की पसंदीदा और न्यूनतम विशेषताएं बताई गई हैं। इसी प्रोफाइल ने सिकल सेल उपचार के लिए संगठन की पहली पूर्व-योग्यता अभिरुचि आमंत्रण प्रक्रिया को आकार दिया, जिसमें बाल अनुकूल दवाएं और 500 मिलीग्राम कैप्सूल शामिल हैं। इसका उद्देश्य निर्माताओं और खरीद एजेंसियों को बच्चों तथा सीमित संसाधन वाली स्वास्थ्य प्रणालियों के अनुकूल गुणवत्ता सुनिश्चित उत्पादों के स्पष्ट मानक देना है।

एक सितंबर को नैरोबी में शुरू हुए वैश्विक सिकल सेल सम्मेलन में भी उपलब्धता की चुनौती सामने आई। केन्या के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी शिशुओं की जांच का आह्वान दोहराया और कहा कि देश में हर साल करीब 14,000 बच्चे इस रोग के साथ पैदा होते हैं। मंत्रालय राष्ट्रीय रजिस्ट्री और संशोधित उपचार दिशा-निर्देश तैयार कर रहा है। उसने 107,000 से अधिक सामुदायिक स्वास्थ्य प्रोत्साहकों और 800 से अधिक विशेषज्ञ देखभाल कर्मियों को प्रशिक्षित किया है। केन्याई रिपोर्टों के अनुसार जांच तभी जीवन बचाएगी जब परिवारों को दवा, टीकाकरण, लगातार देखभाल और रेफरल से जोड़ा जाए।

डब्ल्यूएचओ नई दवाओं, जैविक उत्पादों और जीन उपचारों पर भी नजर रख रहा है, लेकिन उसने कहा कि मौजूदा देखभाल लागू करने के लिए सरकारों, नियामकों, निर्माताओं, शोधकर्ताओं, वित्तदाताओं, चिकित्सकों और प्रभावित समुदायों का सहयोग चाहिए। दो सितंबर को संगठन की ऑनलाइन संगोष्ठी में नए संसाधन पेश किए जाएंगे, जबकि GAP-f नेटवर्क और आगामी OneSCD वैश्विक साझेदारी अधिक बोझ वाले देशों में उन्हें अपनाने में मदद करेंगे। सफलता का पैमाना यह होगा कि मानक कागज तक सीमित न रहें, बल्कि बच्चों के लिए सस्ती दवा और निरंतर देखभाल बनें।

स्रोत: World Health Organization, WHO consolidated childhood sickle cell guidelines, Kenya Ministry of Health via The Star

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