होम पर वापस जाएं कांगो में इबोला के बीच अंतिम संस्कार दल थकान और हमलों से जूझे स्वास्थ्य

कांगो में इबोला के बीच अंतिम संस्कार दल थकान और हमलों से जूझे

प्रकाशित 7 सितंबर 2026 0 दृश्य

पूर्वी लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो में सुरक्षित अंतिम संस्कार करने वाले दल थकान, हमलों और तेजी से बढ़ते काम के बोझ का सामना कर रहे हैं। सोमवार को प्रकाशित एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इबोला प्रकोप में 6,500 से अधिक दर्ज मामलों में करीब 3,200 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रकोप के केंद्र इतुरी में ये दल लगभग हर दिन शव तैयार करते और ताबूतों को संक्रमणमुक्त करते हैं, ताकि अंतिम संस्कार से नए संक्रमण न फैलें।

मई में बुंडीबुग्यो वायरस का पता चलने के बाद अधिकारियों ने संक्रमण वाले क्षेत्रों में छोटे दल तैनात किए। एपी ने बताया कि एक दल के सदस्यों को प्रतिदिन 20 डॉलर मिलते हैं और उनका कहना है कि शारीरिक तथा मानसिक थकान बढ़ रही है। इबोला संक्रमित रक्त या शारीरिक द्रवों के सीधे संपर्क से फैलता है। विशेषज्ञों के अनुसार मृत्यु के बाद भी शवों में बड़ी मात्रा में सक्रिय वायरस रह सकता है।

इस कार्रवाई से उन परिवारों के साथ पीड़ादायक टकराव पैदा हुआ है जिनकी पारंपरिक रस्मों में दिवंगत रिश्तेदार को धोना, कपड़े में लपेटना या छूना शामिल है। दल के सदस्य युमा एडोल्फ ने एपी से कहा कि इन प्रथाओं पर रोक गलतफहमी पैदा करती है। मई से दलों पर हमले हुए हैं, जबकि असुरक्षा, विस्थापन और पूर्वी कांगो में लोगों की भारी आवाजाही निगरानी, प्रयोगशाला जांच और संपर्क खोज को कठिन बना रही है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के 4 सितंबर के आंकड़ों में कांगो में 6,522 पुष्ट मामले और 3,134 पुष्ट मौतें दर्ज थीं, यानी मृत्यु अनुपात 48 प्रतिशत था। संगठन के पहले के विस्तृत आकलन के अनुसार 26 अगस्त तक छह प्रांतों के 60 स्वास्थ्य क्षेत्रों में मामले मिले थे। उसने देश के भीतर जोखिम बहुत अधिक, पड़ोसी देशों के लिए अधिक और व्यापक क्षेत्र तथा दुनिया के लिए कम आंका है। प्रकोप अब भी अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातस्थिति है।

बुंडीबुग्यो वायरस रोग के लिए विशेष रूप से प्रभावी सिद्ध कोई स्वीकृत टीका या उपचार नहीं है। कांगो ने 27 अगस्त को कुछ स्वास्थ्यकर्मियों को स्वीकृत एरवेबो टीका देना शुरू किया, लेकिन संगठन के मुताबिक मनुष्यों में इस प्रकार के वायरस के विरुद्ध इसकी सुरक्षा अज्ञात है और नैदानिक परीक्षण आवश्यक है। एफएचआई 360 के अनुसार इतुरी और उत्तर किवु में उसके सहयोग वाले 48 दल मई से 3,000 से अधिक सुरक्षित अंतिम संस्कार कर चुके हैं, कभी एक दल ने एक दिन में सात तक किए।

प्रतिक्रिया कर्मियों का कहना है कि भरोसा सुरक्षा उपकरण जितना ही महत्वपूर्ण है। एफएचआई 360 के मुताबिक सामुदायिक कार्यकर्ता घरों में जाकर और संवाद आयोजित करके हर सप्ताह लगभग 7,500 लोगों तक पहुंचते हैं, प्रक्रिया समझाते हैं और सुरक्षित प्रार्थनाओं तथा रस्मों को बनाए रखते हैं। स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा बकाया वेतन की मांग के बीच एजेंसियां कहती हैं कि संक्रमण रोकने के लिए पर्याप्त कर्मचारी, संपर्क निगरानी, सुरक्षित अभियान और शोकाकुल परिवारों तथा थके हुए अग्रिम कर्मियों को सहायता जरूरी है।

स्रोत: Associated Press, World Health Organization, FHI 360

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