विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने 7 सितंबर को जिनेवा में जारी नए वैश्विक बुलेटिन में कहा कि अधिक तीव्र होती जंगल की आग और लू से पैदा प्रदूषण स्वच्छ हवा की दिशा में हुई प्रगति को पलट सकता है तथा लोगों और पारिस्थितिकी तंत्रों के लिए खतरे बढ़ा सकता है। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने जलवायु और वायु गुणवत्ता की नीतियां एक साथ बनाने का आग्रह किया क्योंकि दोनों समस्याएं एक-दूसरे को बढ़ाती हैं।
वार्षिक वायु गुणवत्ता और जलवायु बुलेटिन डब्ल्यूएमओ के ग्लोबल एटमॉस्फियर वॉच नेटवर्क के अवलोकनों और शोध का उपयोग करता है तथा 2025 के प्रदूषण रुझानों की समीक्षा करता है। इसका ध्यान पीएम2.5 नामक सूक्ष्म कणों, धरातल के पास ओजोन और ब्लैक कार्बन तथा माइक्रोप्लास्टिक जैसे एरोसोल पर है, जिनकी व्यापक मौजूदगी और संभावित नुकसान के बावजूद अनेक स्थानों पर पर्याप्त निगरानी नहीं होती।
डब्ल्यूएमओ ने बढ़ी हुई आग की गतिविधि के कारण उत्तरी कनाडा, रूस के कुछ हिस्सों और पश्चिम-मध्य अफ्रीका में पीएम2.5 की औसत से अधिक सांद्रता दर्ज की। गर्मियों के अंत में असाधारण आग ने उत्तर-पश्चिमी स्पेन को भी प्रमुख प्रदूषण क्षेत्र बनाया। मानव-जनित उत्सर्जन घटने से चीन में स्तर दीर्घकालिक औसत से नीचे रहे, जबकि जैव ईंधन जलाने और प्रदूषण के अन्य स्रोतों के कारण भारत औसत से ऊपर रहा।
बुलेटिन में उद्धृत शोध के अनुसार अत्यधिक अग्नि-धुएं की घटनाएं 1990 के दशक से दुनिया भर में तीन गुना हो गई हैं और 2010 से 2018 के बीच हर वर्ष लगभग 100,000 अतिरिक्त मौतों में उनका योगदान रहा। शोधकर्ताओं के अनुसार यह अनुमान भी कम हो सकता है। एक अन्य महामारी-विज्ञान अध्ययन में पाया गया कि कुल पीएम2.5 पर आधारित पारंपरिक मॉडल जंगल की आग के धुएं से जुड़ी मृत्यु को 93 प्रतिशत तक कम आंक सकते हैं क्योंकि आग से निकले कण अधिक विषैले हो सकते हैं।
गर्मी जमीन के पास ओजोन बनने की प्रक्रिया तेज करके एक और खतरा जोड़ती है। संगठन के अनुसार ऊंचे तापमान, ठहरी हुई हवा और तीखी धूप ने दक्षिण-पूर्वी अमेरिका, यूरोप और चीन में लू के दौरान ओजोन बढ़ाया है। लंबे समय तक संपर्क मुख्यतः श्वसन रोग से होने वाली मृत्यु से जुड़ा है, जबकि ओजोन फसलों और पारिस्थितिकी तंत्रों को भी नुकसान पहुंचाता है; भविष्य की वृद्धि से हजारों अतिरिक्त समयपूर्व मौतें हो सकती हैं।
एजेंसी ने बेहतर अवलोकन प्रणालियों और ऐसी समन्वित कार्रवाई की मांग की जो धरती को गर्म करने वाले उत्सर्जन और पारंपरिक प्रदूषकों दोनों को घटाए। उसने बर्फ पर जमकर पिघलाव तेज करने वाले ब्लैक कार्बन और दूरस्थ वातावरण तक पहुंच सकने वाले वायुमंडलीय माइक्रोप्लास्टिक को भी रेखांकित किया। स्वच्छ वायु और नीले आकाश के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर जारी बुलेटिन कहता है कि अत्यधिक अग्नि-मौसम बढ़ने और विश्व स्वास्थ्य संगठन के वायु मानकों को पूरा करना कठिन होने के साथ बेहतर निगरानी अनिवार्य है।
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