माली में 2022 में मिले मंगल के एक उल्कापिंड में ग्रह की प्राचीन पर्पटी के साथ पानी की प्रतिक्रिया के प्रमाण सुरक्षित हैं। यह निष्कर्ष 29 अक्टूबर को साइंस में प्रकाशित अध्ययन का है। नासा के अनुसार टेगाजा 001 नामक चट्टान कम से कम 4.1 अरब वर्ष पहले बनी थी। नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी की यांग लियू के नेतृत्व वाला शोध शुरुआती मंगल का दुर्लभ प्रयोगशाला नमूना देता है, लेकिन वहाँ जीवन होने की पुष्टि नहीं करता।
लगभग 800 ग्राम का यह उल्कापिंड मेन मिनरल एंड जेम म्यूजियम के संग्रह में है। संग्रहालय के अनुसार इसकी संरचना, खनिज और बनावट अन्य ज्ञात मंगल उल्कापिंडों से अलग हैं। उपलब्ध अनेक नमूने मंगल के बड़े हिस्से को ढकने वाली प्राचीन चट्टानों से काफी नए हैं। इसलिए यह नमूना उस शुरुआती दौर का अध्ययन करने में मदद करता है जिसका पृथ्वी के संग्रहों में बहुत कम प्रतिनिधित्व है।
न्यू मेक्सिको विश्वविद्यालय के अनुसार शोधकर्ताओं ने नासा और अन्य संस्थानों के सहयोगियों के साथ काम करने से पहले ऑक्सीजन समस्थानिकों और असामान्य खनिजों की जाँच की। छोटे जिरकॉन क्रिस्टलों से आयु तय करने में मदद मिली। नासा ने रूबिडियम-स्ट्रोंटियम आयु निर्धारण तकनीक भी बताई, जो नाखून से छोटे टुकड़े पर अलग-अलग खनिज कणों का विश्लेषण करती है और दुर्लभ सामग्री को आगे के शोध के लिए बचाती है।
नासा के अनुसार माप बताते हैं कि लगभग 4.1 अरब वर्ष पहले पानी ने चट्टान को बदला था, यानी उसका निर्माण उससे पहले हुआ। ऑक्सीजन समस्थानिक, बनावट और रसायन प्राचीन जलचक्र के संकेत सँजोए हैं। अक्टूबर का अध्ययन जून में साइंस एडवांसेज में प्रकाशित एक अलग शोध के बाद आया है, जिसमें उल्कापिंड के जलांश की जाँच हुई थी। पानी और चट्टान की प्रतिक्रियाएँ संभावित जीवन-अनुकूल परिस्थितियों को परखने में मदद करती हैं; वे जीवों की खोज नहीं हैं।
नासा ने बताया कि खनिज मंगल के दक्षिणी उच्चभूमि क्षेत्रों के अवलोकनों से मिलते हैं, लेकिन सटीक उद्गम अज्ञात है। एक टक्कर ने चट्टान को अंतरिक्ष में उछाला और अंततः वह पृथ्वी पहुँची। आगे का विश्लेषण स्पष्ट कर सकता है कि प्राचीन पर्पटी कैसे बनी और तरल पदार्थों के संपर्क से कैसे बदली। शोधकर्ता नमूने को अगले अध्ययनों की शुरुआत मानते हैं, शुरुआती मंगल का पूरा इतिहास नहीं।
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