होम पर वापस जाएं जलवायु परिवर्तन से यूरोपीय समुद्रों में रिकॉर्ड गर्मी पर्यावरण

जलवायु परिवर्तन से यूरोपीय समुद्रों में रिकॉर्ड गर्मी

प्रकाशित 20 अगस्त 2026 0 दृश्य

वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन के बुधवार को प्रकाशित विश्लेषण के अनुसार, मानव जनित जलवायु परिवर्तन इस गर्मी यूरोप के आसपास समुद्र के रिकॉर्ड तापमान का मुख्य कारण था। शोधकर्ताओं ने पाया कि वैश्विक ताप वृद्धि ने भूमध्य सागर के पानी में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस और पश्चिमी यूरोपीय समुद्रों में करीब 1.4 डिग्री की अतिरिक्त गर्मी जोड़ी। इससे समुद्री लू तेज हुई है, जो पारिस्थितिकी तंत्र, मत्स्य उद्योग और तटीय समुदायों को खतरे में डालती है।

अध्ययन में सेल्टिक सागर, बिस्के की खाड़ी और आइबेरियाई तट के साथ पश्चिमी तथा पूर्वी भूमध्य सागर का परीक्षण किया गया। निष्कर्ष के अनुसार, इनमें से तीन क्षेत्रों में दर्ज चरम तापमान मानवीय प्रभाव के बिना लगभग असंभव होता। सेल्टिक सागर में इसी स्तर की चरम गर्मी मानव जनित ताप वृद्धि से मुक्त जलवायु में लगभग सौ वर्ष में केवल एक बार अपेक्षित होती।

माप घटना का पैमाना दिखाते हैं। जुलाई में भूमध्य सागर का औसत तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा, जो उस महीने का अब तक का सर्वाधिक स्तर है, जबकि अगस्त की शुरुआत में मायोर्का के पास एक समुद्री बोया ने 33 डिग्री दर्ज किया। विश्लेषण के अनुसार इस वर्ष बिस्के की खाड़ी के करीब 90 प्रतिशत और पश्चिमी भूमध्य सागर के 80 प्रतिशत हिस्से में समुद्री लू रही, जबकि वैश्विक ताप वृद्धि के बिना यह हिस्सा करीब 40 प्रतिशत होता।

वैज्ञानिकों ने ऊंचे आधार तापमान के लिए मुख्य रूप से जीवाश्म ईंधन जलाने से निकली ग्रीनहाउस गैसों को जिम्मेदार बताया। विश्व मौसम विज्ञान संगठन का अनुमान है कि औसत वैश्विक तापमान अब औद्योगिक युग से पहले के स्तर से करीब 1.4 डिग्री अधिक है। कॉपरनिकस ने भी वर्ष के इस समय समुद्री सतह की रिकॉर्ड गर्मी दर्ज की है, जबकि विकसित हो रहा एल नीनो मानव जनित दीर्घकालिक रुझान में प्राकृतिक उतार-चढ़ाव जोड़ रहा है।

गर्म समुद्र प्रवाल, स्पंज, समुद्री घास और अन्य जीवों की मृत्यु का कारण बन सकते हैं, मछलियों को ठंडे पानी की ओर धकेल सकते हैं और पक्षियों तथा स्तनधारियों को सहारा देने वाली खाद्य शृंखलाएं बिगाड़ सकते हैं। वे तटीय आर्द्रता और रात का तापमान बढ़ा सकते हैं, तूफानों को अधिक ऊर्जा और नमी दे सकते हैं तथा मछली पकड़ने और पर्यटन के जोखिम बढ़ा सकते हैं। समुद्री पारिस्थितिकी विज्ञानी जॉन ब्रूनो ने कहा कि कई प्रजातियां अनुकूलन की जैविक सीमा के तेजी से करीब पहुंच रही हैं।

शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी कि असर अलग-अलग रिकॉर्ड से कहीं आगे जाता है, क्योंकि लंबे समय की गर्मी आवास और आजीविका बदल सकती है। लगातार निगरानी से पता चलेगा कि ये स्थितियां कितने समय तक रहती हैं, लेकिन विश्लेषण बताता है कि उत्सर्जन जारी रहने पर और अधिक गर्मी की आशंका बनी रहेगी। वैज्ञानिकों के अनुसार भविष्य की समुद्री गर्मी सीमित करने के लिए जीवाश्म ईंधन उत्सर्जन घटाना, आवासों की रक्षा करना और तटीय अर्थव्यवस्थाओं को अनुकूलन में सहायता देना आवश्यक है।

स्रोत: Reuters, World Weather Attribution, Copernicus Climate Change Service, UK Met Office

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