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जर्मनी ने लाइपजिग हवाई अड्डे के ड्रोन हमले के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया

प्रकाशित 1 सितंबर 2026 0 दृश्य

जर्मनी ने मंगलवार को औपचारिक रूप से रूस पर चार अगस्त को लाइपजिग हाले हवाई अड्डे पर विस्फोटक से लदे ड्रोन के जरिये हमले की कोशिश के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया। इससे बर्लिन और मॉस्को के बीच सुरक्षा विवाद और गंभीर हो गया है। गृह मंत्री अलेक्जेंडर डोब्रिंट ने कहा कि पुलिस के निष्कर्ष, हमले का तरीका और खुफिया आकलन मिलकर रूस की जिम्मेदारी की पुष्टि करते हैं। रूस ने आरोप को झूठा और निराधार बताते हुए खारिज कर दिया।

जर्मन अधिकारियों को पूर्वी जर्मनी के इस प्रमुख मालवाहक केंद्र पर एक यूक्रेनी एंटोनोव कार्गो विमान के पास विस्फोटक से लदा ड्रोन मिला था। विशेषज्ञों ने उपकरण को निष्क्रिय कर दिया और कोई घायल नहीं हुआ। जांचकर्ताओं ने एक संभावित दूसरे उड़ते उपकरण की भी जांच की, जो उतरने का प्रयास रोक चुके एक मालवाहक विमान से टकराया था। पुलिस और अभियोजकों के हवाले से एसोसिएटेड प्रेस ने बताया कि मामूली क्षति के साथ विमान को हनोवर भेजा गया।

डोब्रिंट ने कहा कि ड्रोन की बनावट, उसके पुर्जे, विस्फोटक और डेटोनेटर उन तत्वों से मेल खाते हैं जिन्हें अधिकारी अन्य रूसी हाइब्रिड अभियानों और यूक्रेन के खिलाफ युद्ध से जानते हैं। उन्होंने लाइपजिग की घटना को अकेला मामला न मानकर व्यापक गतिविधि का हिस्सा बताया और आगे भी ऐसे प्रयास होने की चेतावनी दी। बर्लिन ने ऐसी विस्तृत खुफिया जानकारी जारी नहीं की जिससे जांच के तरीके उजागर हों।

विदेश मंत्री योहान वाडेफुल ने जवाब में कई कदम घोषित किए। जर्मनी 18 सितंबर को बॉन स्थित रूसी वाणिज्य दूतावास बंद करेगा, बर्लिन के रूसी हाउस सांस्कृतिक केंद्र से जुड़ा समझौता समाप्त करेगा, रूसी नागरिकों के प्रवेश की जांच कड़ी करेगा और रूस के छद्म जहाजी बेड़े के खिलाफ कार्रवाई पर जोर देगा। सरकार हाइब्रिड हमलों से जुड़े अतिरिक्त लोगों पर यूरोपीय संघ के प्रतिबंध भी मांगेगी।

नाटो महासचिव मार्क रुटे ने कहा कि गठबंधन जर्मनी के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है और दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों को रोकने तथा उनसे रक्षा करने की क्षमता मजबूत करता रहेगा। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेयर लाइन ने भी बर्लिन का समर्थन किया और यूरोपीय संघ के एकजुट रहने की बात कही। द गार्डियन के अनुसार जर्मनी ने नाटो संधि के अनुच्छेद चार के तहत परामर्श नहीं मांगा है।

जर्मनी में रूसी दूतावास ने आरोप को उकसावा बताया और कहा कि इससे यूक्रेन तथा यूरोपीय हथियार उद्योग के हितों को लाभ होता है। रूसी अधिकारी यूरोप में तोड़फोड़ के संचालन से लगातार इनकार करते रहे हैं। अब यह विवाद राजनयिक और यूरोपीय मंचों पर जाएगा, जहां यूरोपीय संघ के विदेश मंत्री सुरक्षा और प्रतिबंधों पर चर्चा करेंगे, जबकि जर्मन जांचकर्ता हमले की कोशिश को अंजाम देने वालों की तलाश जारी रखेंगे।

स्रोत: Associated Press, Reuters, Deutsche Welle, ZDF, The Guardian

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