होम पर वापस जाएं आइसलैंड ने यूरोपीय संघ वार्ता फिर शुरू करने पर मतदान किया राजनीति

आइसलैंड ने यूरोपीय संघ वार्ता फिर शुरू करने पर मतदान किया

प्रकाशित 29 अगस्त 2026 0 दृश्य

आइसलैंड के मतदाताओं ने शनिवार 29 अगस्त को एक बेहद करीबी राष्ट्रीय जनमत संग्रह में मतदान किया कि देश को यूरोपीय संघ की सदस्यता के लिए बातचीत फिर शुरू करनी चाहिए या नहीं। एसोसिएटेड प्रेस और आइसलैंड के अधिकारियों के अनुसार लगभग 2,65,000 पात्र मतदाता संसद से स्वीकृत प्रश्न का उत्तर हां या ना में दे सकते थे। मतदान परामर्शात्मक है और सदस्यता पर नहीं, वार्ता दोबारा खोलने पर है।

यह जनमत संग्रह उस बहस को फिर जीवित करता है जिसे आइसलैंड ने एक दशक से अधिक समय पहले रोक दिया था। देश ने गंभीर वित्तीय संकट के दौरान 2009 में यूरोपीय संघ की सदस्यता के लिए आवेदन किया और 2010 में वार्ता शुरू की, लेकिन यूरोपीय संघ पर संदेह करने वाली सरकार ने 2013 में प्रक्रिया स्थगित कर दी। सरकार ने कहा है कि आवेदन औपचारिक रूप से कभी वापस नहीं लिया गया और अब भी कानूनी रूप से वैध है।

प्रचार के अंतिम चरण में जीवनयापन की लागत, सुरक्षा, संप्रभुता और उत्तरी अटलांटिक के समृद्ध मछली पकड़ने वाले जलक्षेत्र का प्रबंधन प्रमुख विषय रहे। समर्थकों का कहना है कि बातचीत से उपलब्ध शर्तें सामने आएंगी, यूरोपीय फैसलों में आइसलैंड को आवाज मिलेगी और यूरो अपनाने का रास्ता खुल सकता है। विरोधियों के अनुसार ब्रसेल्स को अधिकार देने से मत्स्य पालन और कृषि पर राष्ट्रीय नियंत्रण कमजोर हो सकता है और घरेलू आर्थिक समस्याएं हल नहीं होंगी।

सर्वेक्षणों ने मुकाबला असाधारण रूप से करीबी बताया। रॉयटर्स के अनुसार 24 से 27 अगस्त के बीच 4,583 लोगों पर किए गए गैलप सर्वेक्षण में 51.6 प्रतिशत ने वार्ता फिर खोलने का विरोध और 48.4 प्रतिशत ने समर्थन किया। इसने पहले के मामूली समर्थक बहुमत को पलट दिया। आइसलैंड की नीतिगत ब्याज दर 8 प्रतिशत है, जबकि यूरोपीय केंद्रीय बैंक की दर 2.25 प्रतिशत है, इसलिए गृह ऋण और मुद्रा स्थिरता महत्वपूर्ण मुद्दे बने।

भूराजनीतिक अनिश्चितता ने भी मतदान को प्रभावित किया। एसोसिएटेड प्रेस ने बताया कि पास के ग्रीनलैंड पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव ने आइसलैंड के सुरक्षा संबंधों पर सवाल बढ़ाए, जबकि समर्थकों ने यूक्रेन युद्ध और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर दबाव का उल्लेख किया। आइसलैंड बिना स्थायी सेना वाला नाटो का संस्थापक सदस्य है और पहले से यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र तथा शेंगेन यात्रा क्षेत्र में भाग लेता है।

हां का बहुमत सरकार को मत्स्य पालन, कृषि और आर्थिक नियमों सहित विभिन्न क्षेत्रों में यूरोपीय आयोग के साथ वार्ता दोबारा खोलने का अधिकार देगा। किसी भी बातचीत से बने सदस्यता समझौते पर शायद कई वर्ष बाद दूसरा राष्ट्रीय जनमत संग्रह आवश्यक होगा। ना का बहुमत यूरोपीय संघ के साथ आइसलैंड के मौजूदा संबंध बनाए रखेगा और वार्ता की मेज पर लौटने की सरकार की तत्काल योजना रोक देगा।

स्रोत: Associated Press, Reuters, Government of Iceland, National Electoral Commission of Iceland, Le Monde

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