माल्टा की एक जूरी ने बुधवार को कारोबारी यॉर्गेन फेनेक को 2017 में खोजी पत्रकार डैफनी कारुआना गैलिजिया की कार बम हत्या में सहयोग और आपराधिक संगठन से जुड़ाव के आरोपों से बरी कर दिया। वैलेटा की अदालत में नौ सदस्यीय जूरी ने लगभग आठ घंटे के विचार-विमर्श के बाद दोनों आरोपों पर आठ के मुकाबले एक मत से उन्हें निर्दोष पाया। इसके साथ ही व्यापक रूप से देखी गई वह सुनवाई समाप्त हुई, जिसका प्रेस की स्वतंत्रता और माल्टा की संस्थाओं पर भरोसे के लिए बड़ा महत्व है।
कारुआना गैलिजिया की उम्र 53 वर्ष थी और 16 अक्टूबर 2017 को बिडनिजा में उनके घर के पास उनकी हत्या कर दी गई थी। उनकी रिपोर्टिंग भ्रष्टाचार, पनामा पेपर्स और कारोबारी जगत तथा वरिष्ठ राजनीतिक हस्तियों के संबंधों पर केंद्रित थी। हत्या ने यूरोप को झकझोर दिया, बड़े विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया और 2020 की शुरुआत में प्रधानमंत्री जोसेफ मस्कट के पद छोड़ने में भूमिका निभाई। इस कारण यह मामला यूरोपीय संघ के सबसे छोटे सदस्य देश में जवाबदेही की अहम परीक्षा बना।
अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि फेनेक ने बिचौलिए मेल्विन थ्यूमा के जरिए हत्या का आदेश दिया और उसका वित्तपोषण किया। उसके अनुसार अभियान के लिए 150,000 यूरो रखे गए थे, जिनमें 30,000 यूरो की अग्रिम राशि शामिल थी। फेनेक ने आरोपों से इनकार किया। उनके वकीलों ने थ्यूमा की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया और कहा कि सबूत उचित संदेह समाप्त नहीं करते। फेनेक ने पूर्व प्रधानमंत्री के चीफ ऑफ स्टाफ कीथ शेम्ब्री को हत्या के पीछे बताया, जबकि शेम्ब्री ने किसी भागीदारी से इनकार किया है।
पचपन दिन की सुनवाई में जांचकर्ताओं और विशेषज्ञों की गवाही, थ्यूमा की रिकॉर्डिंग, डिजिटल संदेश और कई दिनों तक फेनेक का बयान शामिल रहा। न्यायाधीश एडविना ग्रिमा ने जूरी को दोनों आरोपों का अलग-अलग आकलन करने का निर्देश दिया। फैसले के बाद उन्होंने फेनेक को हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया। दोषी पाए जाने पर उन्हें आजीवन कारावास हो सकता था। द गार्जियन के अनुसार अभियोजन पक्ष के अपील करने की संभावना है।
कारुआना गैलिजिया के परिवार ने कहा कि बरी किए जाने से पत्रकार को वह न्याय नहीं मिला जिसकी वह हकदार थीं। परिवार ने उन सभी लोगों की जवाबदेही की मांग की जिन्होंने उनके हत्यारों को सक्षम बनाया, मदद दी या संरक्षण दिया। माल्टा सरकार ने कहा कि वह फैसले का सम्मान करती है और कई लोगों को हत्या से जुड़े मामलों में पहले ही लंबी कैद मिलने का उल्लेख किया। विपक्षी नेता एलेक्स बोर्ग ने कहा कि फैसला अध्याय बंद नहीं करता और संसद के बाहर प्रदर्शन का आह्वान किया।
एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार कई पुरुष बम विस्फोट में अपनी भूमिका स्वीकार कर चुके हैं या दोषी ठहराए गए हैं, लेकिन कथित साजिश में आरोपित छह लोगों में फेनेक मुकदमे का सामना करने वाले अंतिम व्यक्ति थे। फैसला इस सार्वजनिक प्रश्न को अनसुलझा छोड़ता है कि हत्या का आदेश किसने दिया और माल्टा की संस्थाओं ने जांच कैसे संभाली। अब ध्यान अभियोजन की संभावित अपील, अन्य लंबित कार्यवाहियों और पत्रकारों तथा कानून के शासन की रक्षा के लिए सुधारों की नई मांगों पर रहेगा।
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