होम पर वापस जाएं ऐतिहासिक चुनावी हार के बाद भी पद पर बने रहने का मर्ज का संकल्प राजनीति

ऐतिहासिक चुनावी हार के बाद भी पद पर बने रहने का मर्ज का संकल्प

प्रकाशित 22 सितंबर 2026 13 दृश्य

जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मर्ज ने दो प्रांतीय चुनावों में अपनी क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन की ऐतिहासिक हार के बाद इस्तीफे की अटकलों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह चांसलर और पार्टी नेता बने रहेंगे तथा सोशल डेमोक्रेटिक गठबंधन सहयोगी के साथ सुधारों पर फिर बातचीत करेंगे। रॉयटर्स, एसोसिएटेड प्रेस और ले मोंद के अनुसार इन नतीजों ने उनके अधिकार को कमजोर किया है, जबकि यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था कर, पेंशन और स्वास्थ्य नीति पर कठिन फैसलों का सामना कर रही है।

मेक्लेनबुर्ग-वेस्टर्न पोमेरेनिया के आधिकारिक प्रारंभिक नतीजों में 20 सितंबर को सीडीयू को 4.9 प्रतिशत मत मिले। यह प्रतिनिधित्व के लिए जरूरी 5 प्रतिशत सीमा से कम है और आधुनिक जर्मनी के इतिहास में पहली बार पार्टी किसी प्रांतीय संसद से बाहर हुई है। एएफडी 38.2 प्रतिशत मत और 71 में से 32 सीट लेकर पहले स्थान पर रही। एसपीडी को 35.5 प्रतिशत और 29 सीट मिलीं, जबकि लेफ्ट और ग्रीन्स को पांच-पांच सीट मिलीं।

बर्लिन ने मर्ज को दूसरा झटका दिया। रॉयटर्स और एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार लेफ्ट लगभग 25.7 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर रही, सीडीयू दूसरे स्थान पर खिसक गई और एएफडी ने राजधानी में अपना सर्वश्रेष्ठ परिणाम हासिल किया। गठबंधन वार्ताएं अगली नगर सरकार तय करेंगी, इसलिए सीडीयू अब भी सिटी हॉल बचा सकती है। हालांकि यह परिणाम सैक्सोनी-अनहाल्ट में एएफडी से उसकी हार के केवल दो सप्ताह बाद आया है।

मर्ज ने माना कि संघीय राजनीति और उनके अपने नेतृत्व ने मतदान को प्रभावित किया, लेकिन कहा कि कारण किसी एक व्यक्ति से कहीं आगे जाते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यधारा के दलों को जनता की अनिश्चितता का जवाब देना होगा और स्वीकार किया कि सीडीयू के पास बहुत से मुद्दों पर संतोषजनक उत्तर नहीं हैं। सोमवार को किसी वरिष्ठ नेता ने सार्वजनिक रूप से नेतृत्व को चुनौती नहीं दी। मर्ज के अनुसार पार्टी बैठकों में नेतृत्व बदलने का प्रश्न भी नहीं उठा।

इस झटके ने संघीय गठबंधन के भीतर तनाव भी उजागर किया। मर्ज सुस्त अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कर बदलाव और पेंशन तथा स्वास्थ्य व्यवस्था में कठिन सुधार आगे बढ़ाना चाहते हैं। एसपीडी के सह-नेता और उप चांसलर लार्स क्लिंगबाइल ने कहा कि सरकार के संवाद और सुधारों की कुछ मूल बातों, दोनों में बदलाव चाहिए। प्रांतीय प्रमुख मानुएला श्वेसिग ने कहा कि चांसलर को जनता का विश्वास फिर हासिल करना होगा।

अब ध्यान दोनों राज्यों में गठबंधन बनाने और बर्लिन में सीडीयू के नेतृत्व वाली संघीय सरकार तथा एसपीडी के बीच बातचीत पर रहेगा। मुख्यधारा के दल एएफडी के साथ सरकार बनाने से अब भी इनकार करते हैं, इसलिए बिखरे जनसमर्थन के बीच स्थिर बहुमत बनाना कठिन होता जा रहा है। मर्ज की गठबंधन को एकजुट रखने और सुधार लागू करने की क्षमता तय करेगी कि ये हार क्षेत्रीय घटनाओं तक सीमित रहती हैं या उनकी चांसलरी के लिए व्यापक चुनौती बनती हैं।

स्रोत: Reuters, Associated Press, Landtag Mecklenburg-Vorpommern, Berlin State Returning Officer, Tagesschau, Le Monde

टिप्पणियाँ