खगोलविदों ने उस उलझे हुए पैटर्न की संभावित व्याख्या पेश की है जो तब दिखता है जब कोई तारा एक अतिविशाल ब्लैक होल के साथ बार-बार नजदीकी मुठभेड़ में बच जाता है। नई हाइड्रोडायनामिक सिमुलेशन बताती हैं कि पहली बार पास आने से पहले ही तेजी से घूम रहा तारा हर वापसी पर धीरे-धीरे कम पदार्थ खो सकता है और कमजोर चमकीला विस्फोट पैदा कर सकता है। यह अध्ययन The Astrophysical Journal में प्रकाशित हुआ है।
इन घटनाओं को बार-बार होने वाली आंशिक ज्वारीय विघटन घटनाएं कहा जाता है। ब्लैक होल का असमान गुरुत्वाकर्षण किसी गुजरते तारे का कुछ हिस्सा खींच लेता है, लेकिन उसका केंद्रीय भाग कक्षा में बचा रहता है और महीनों या वर्षों बाद लौटता है। ब्लैक होल की ओर वापस गिरता पदार्थ प्रकाश के रूप में ऊर्जा छोड़ता है। Syracuse University के अनुसार लगभग 10 दोहराव वाले तंत्र पहचाने गए हैं और उनमें से चार में चमक लगातार घटती है।
पहले की सिमुलेशन में एक समस्या थी। उनसे संकेत मिला कि लगातार चक्कर में कम द्रव्यमान खोने वाले तारे की घूर्णन गति ब्लैक होल के लगाए बलाघूर्ण के कारण बढ़नी चाहिए। मलबे की छोटी मात्रा तब कम समय में वापस आती है, जिससे पदार्थ की अधिकतम वापसी दर और अनुमानित चमक लगभग स्थिर रहती है। यह नतीजा कई वास्तविक तंत्रों में देखी गई घटती रोशनी से मेल नहीं खाता था।
Syracuse की डॉक्टरेट शोधकर्ता अनन्या बंदोपाध्याय के नेतृत्व वाले दल ने अपने मॉडल में तारे का तेज शुरुआती घूर्णन जोड़ा। ऐसी स्थिति में बाद के चक्कर घूर्णन गति को बहुत कम बढ़ाते हैं, इसलिए मलबे की वापसी का समय अपेक्षाकृत स्थिर रहता है। हर मुठभेड़ में कम द्रव्यमान निकलने के साथ अधिकतम वापसी दर घटती है और सिमुलेशन की चमक फीकी होती जाती है। यह एक संभावित भौतिक व्याख्या है, लेकिन अवलोकनों ने प्रस्तावित शुरुआती घूर्णन को अभी सीधे सिद्ध नहीं किया है।
शोधकर्ताओं के अनुसार Hills mechanism तेज घूर्णन और असाधारण रूप से कसी हुई कक्षा, दोनों को समझा सकता है। इस परिदृश्य में पास-पास परिक्रमा करते दो तारे अतिविशाल ब्लैक होल के निकट आते हैं; गुरुत्व एक तारे को बाहर फेंक देता है और दूसरे को पकड़ लेता है। सघन द्वितारा तंत्र के तारे ज्वारीय रूप से बंधकर अलग होने से पहले ही तेजी से घूम सकते हैं, जिससे सिमुलेशन के लिए जरूरी दशा स्वाभाविक रूप से बनती है।
यह मॉडल Sagittarius A* के पास के तारों के अध्ययन में भी मदद कर सकता है। Sagittarius A* आकाशगंगा के केंद्र का अतिविशाल ब्लैक होल है और ऐसी ही पकड़ प्रक्रिया ने संभवतः कुछ तारों को वहां पहुंचाया होगा। भविष्य के विस्तृत आकाश सर्वेक्षण अधिक दोहराव वाली घटनाएं खोज सकते हैं और उनकी चमक में बदलाव माप सकते हैं। बड़ा नमूना यह जांचने में मदद करेगा कि क्या तेज शुरुआती घूर्णन लगातार घटती चमक के पैटर्न को विश्वसनीय ढंग से समझाता है।
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