ऑस्ट्रेलिया की रोज डेविस ने गुरुवार को ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों की महिला 5,000 मीटर दौड़ जीती और 10,000 मीटर के अपने स्वर्ण में दूसरा खिताब जोड़कर खेलों के इतिहास में यह दूरी डबल पूरा करने वाली पहली महिला बनीं। प्रतियोगिता के आधिकारिक परिणामों और प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार उनकी ऑस्ट्रेलियाई साथी जेसिका हल ने रजत तथा स्कॉटलैंड की मेगन कीथ ने स्कॉटस्टन स्टेडियम में कांस्य पदक जीता।
यह जीत डेविस के 10,000 मीटर में ग्लासगो 2026 का ऑस्ट्रेलिया के लिए पहला एथलेटिक्स स्वर्ण जीतने के तीन दिन बाद आई। उस दौड़ में 26 वर्षीय धाविका ने अंतिम चरण तक प्रतीक्षा की, फिर केन्या की डायना वांजा से आगे निकलकर 31 मिनट 39.32 सेकंड में जीत हासिल की। एबीसी न्यूज और द गार्जियन ने बताया कि वह इस दूरी का राष्ट्रमंडल खिताब जीतने वाली पहली ऑस्ट्रेलियाई महिला भी बनीं।
5,000 मीटर में डेविस के सामने फिर मजबूत प्रतिस्पर्धा थी। इसमें ओलंपिक पदक विजेता और ऑस्ट्रेलिया की अग्रणी धाविकाओं में शामिल हल के साथ घरेलू दर्शकों का समर्थन पाने वाली कीथ भी थीं। दूसरी जीत ने दो कठिन दौड़ों के कार्यक्रम को अभूतपूर्व उपलब्धि में बदल दिया, जबकि पहले दो स्थानों पर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों का रहना महिला लंबी दूरी में देश की गहराई दिखाता है।
वर्ल्ड एथलेटिक्स डेविस को दोनों स्पर्धाओं में ऑस्ट्रेलियाई रिकॉर्ड धारक बताता है। उनका 5,000 मीटर का सर्वश्रेष्ठ समय 14:31.45 और 10,000 मीटर का 30:34.11 है। खेलों से पहले अंतरराष्ट्रीय संस्था की प्रोफाइल में वह महिला 5,000 मीटर की विश्व रैंकिंग में 15वें स्थान पर थीं। ग्लासगो का प्रदर्शन बर्मिंघम 2022 से बड़ी प्रगति भी है, जहां वह 15:41.23 के समय के साथ 17वें स्थान पर रही थीं।
इस डबल का विशेष महत्व है क्योंकि चैंपियनशिप की लंबी दूरी की दौड़ों में कुछ दिनों के भीतर शरीर की वापसी, रणनीति और बार-बार गति बदलने का प्रबंधन करना पड़ता है। डेविस ने रिकॉर्ड समय का पीछा करने के बजाय नियंत्रित रणनीति और मजबूत अंतिम चरण से दोनों फाइनल जीते। पदक पर केंद्रित यह तरीका ऑस्ट्रेलियाई, केन्याई और ब्रिटिश प्रतिद्वंद्वियों की गुणवत्ता के कारण और कठिन था।
इस परिणाम ने डेविस के करियर में एक और बड़ा सम्मान जोड़ा और ग्लासगो खेलों में ऑस्ट्रेलिया को एथलेटिक्स की प्रमुख उपलब्धि दी। प्रतियोगिताएं समापन सप्ताहांत तक जारी रहेंगी, लेकिन उनके दोनों स्वर्ण राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में स्थान सुनिश्चित कर चुके हैं। अब ध्यान इस बात पर रहेगा कि यह सफलता भविष्य की वैश्विक चैंपियनशिप की उनकी तैयारी को कैसे प्रभावित करती है।
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