दमिश्क की एक अदालत ने मंगलवार को अपदस्थ सीरियाई राष्ट्रपति बशर असद और उनके भाई माहेर को गैरहाजिरी में मौत की सजा सुनाई। अदालत ने उन्हें पूर्व नियोजित हत्या, यातना और मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराया। एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार छह अन्य पूर्व अधिकारियों को भी अनुपस्थिति में मृत्युदंड मिला, जबकि हिरासत में मौजूद एकमात्र वरिष्ठ आरोपी और असद के रिश्तेदार आतिफ नजीब को अदालत में यही सजा दी गई।
दिसंबर 2024 में असद परिवार का पांच दशक लंबा शासन समाप्त होने के बाद बशर असद या उनके निकटतम लोगों के खिलाफ ये पहले फैसले हैं। सरकार के पतन के बाद बशर और माहेर असद रूस भाग गए थे और वहां उन्हें शरण मिली, इसलिए उनकी सजाओं का क्रियान्वयन असंभव जैसा है। सीरिया के सरकारी टेलीविजन ने कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया, जो पिछली सरकार से जुड़े गुप्त मुकदमों के ठीक विपरीत था।
न्यायाधीश फखरुद्दीन अल-अरयान ने कहा कि राज्य संस्थाओं का इस्तेमाल युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध करने के लिए किया गया। एपी और एल पाइस के मुताबिक अदालत ने आरोपियों को बच्चों समेत लोगों की जानबूझकर हत्या और यातना के लिए जिम्मेदार माना। ये अपराध लगभग चौदह साल चले संघर्ष से पहले और उसके दौरान हुए; इस युद्ध में करीब पांच लाख लोग मारे गए और लाखों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा।
नजीब दक्षिणी दारा प्रांत में राजनीतिक सुरक्षा विभाग के प्रमुख थे। वर्ष 2011 में स्कूल की दीवार पर सरकार विरोधी नारे लिखने के बाद एक दर्जन से अधिक किशोरों को गिरफ्तार कर यातना दी गई थी। उस दमन ने देशव्यापी प्रदर्शनों को भड़काने में भूमिका निभाई और वे बाद में गृहयुद्ध में बदल गए। न्यायाधीश ने कहा कि नजीब अपील कर सकते हैं, जबकि गैरहाजिर आरोपी अदालत की तत्काल पहुंच से बाहर हैं।
पीड़ित और उनके परिजन कड़ी सुरक्षा वाले न्यायालय के बाहर एकत्र हुए और फैसलों को लंबे समय से लंबित उनकी पीड़ा की मान्यता बताया। फिर भी ह्यूमन राइट्स वॉच की शोधकर्ता हिबा जायादिन ने मृत्युदंड का विरोध किया और कहा कि अपील में निष्पक्ष सुनवाई के मानक पूरे होने चाहिए। सीरिया जस्टिस एंड अकाउंटेबिलिटी सेंटर ने नजीब की सजा को ऐतिहासिक कदम कहा, लेकिन तेज कार्यवाही, कुछ गवाहियों का आरोपों से कमजोर संबंध और अपर्याप्त बचाव पर चिंता जताई।
इस प्रकार सीरिया के संक्रमण काल में फैसले का बड़ा प्रतीकात्मक महत्व है, पर वास्तविक जवाबदेही अब भी अनिश्चित है। असद रूस में हैं और उन्हें दमिश्क की अदालत में लाने की कोई सार्वजनिक व्यवस्था नहीं है। अधिकार समूहों के अनुसार प्रक्रिया की स्थायी विश्वसनीयता स्वतंत्र संस्थाओं, भरोसेमंद अपील और पारदर्शी मुकदमों पर निर्भर करेगी, ताकि पिछली सरकार के अपराधों का न्याय हो और असद शासन से जुड़ी मनमानी न्याय व्यवस्था दोहराई न जाए।
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