उष्णकटिबंधीय तूफान लोवेल बुधवार तड़के हवाई से दूर चला गया, लेकिन उससे पहले तेज हवाओं और भारी बारिश ने पश्चिमी द्वीपों को प्रभावित किया, काउआई के अधिकांश हिस्से की बिजली काट दी, सड़कों को बाधित किया और तट के कुछ भागों को नुकसान पहुंचाया। एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार तूफान का केंद्र मंगलवार रात द्वीपों के पश्चिम से गुजरा और सीधे जमीन से नहीं टकराया, फिर भी इसके विस्तृत पवन क्षेत्र ने काउआई और ओआहू में विनाशकारी परिस्थितियां पैदा कीं।
काउआई आइलैंड यूटिलिटी कोऑपरेटिव ने बताया कि मंगलवार सुबह उसके लगभग सभी 35,000 सदस्यों की बिजली चली गई। काउआई की आबादी करीब 73,000 है और मेयर डेरेक कावाकामी ने कहा कि दल भारी मशीनों से गिरे पेड़ों और मलबे को सड़कों से हटा रहे थे। आपातकालीन टीमें नुकसान का आकलन शुरू कर रही थीं और लगभग 300 लोग आश्रय स्थलों में मौजूद थे।
काउआई के एकमात्र वाणिज्यिक हवाई अड्डे लिहुए पर लगातार हवा की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रही और तूफान के बाद हवाई अड्डा बंद कर दिया गया। राष्ट्रीय तूफान केंद्र ने बताया कि कुछ झोंके 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचे। लहरों ने दक्षिणी तट पर सड़क का एक हिस्सा तोड़ दिया और रेत तथा ज्वालामुखीय चट्टानें एक पार्क में पहुंचा दीं, जबकि गिरे पेड़ों और बिजली की लाइनों ने यात्रा रोक दी।
ओआहू में भी तटीय बाढ़ दर्ज हुई और सड़क कर्मियों ने द्वीप के पश्चिमी किनारे के एक मुख्य मार्ग से रेत और पत्थर हटाए। गवर्नर जोश ग्रीन ने मंगलवार के लिए काउआई, निहाऊ और ओआहू में स्कूल तथा सरकारी कार्यालय बंद किए थे। आपात अधिकारियों ने लोगों से पानी बचाने, गैरजरूरी यात्रा से बचने और निरीक्षण तथा मरम्मत के दौरान बाढ़ के पानी और समुद्र तट से दूर रहने को कहा।
लोवेल के उत्तर की ओर तेजी से बढ़ने पर मंगलवार सुबह चक्रवात और उष्णकटिबंधीय तूफान संबंधी चेतावनियां हटा ली गईं, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि खतरा समाप्त नहीं हुआ था। स्थानीय समय के अनुसार मंगलवार शाम पांच बजे राष्ट्रीय तूफान केंद्र ने लोवेल को 110 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम लगातार हवाओं वाला उष्णकटिबंधीय तूफान घोषित किया। उसका केंद्र लिहुए से लगभग 500 किलोमीटर उत्तर-उत्तर पश्चिम में था और बुधवार तक अचानक बाढ़ का खतरा बना रहा।
बहाली का काम बिजली लौटाने, परिवहन मार्ग खोलने और घरों तथा तटीय ढांचे की जांच पर केंद्रित रहेगा। अधिकारी पानी से भरी जमीन के कारण अतिरिक्त बाढ़ और भूस्खलन की संभावना पर भी नजर रख रहे थे। यह घटना दिखाती है कि किसी चक्रवात का केंद्र समुद्र में रहने पर भी वह व्यापक व्यवधान पैदा कर सकता है। नुकसान का विस्तृत आकलन अब सफाई के पैमाने और उसे पूरा करने में लगने वाला समय तय करेगा।
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