जेम्स वेब अंतरिक्ष दूरबीन का उपयोग कर खगोलविदों ने अंतरतारकीय धूमकेतु 3I/ATLAS के मीथेन में भारी हाइड्रोजन की असामान्य प्रचुरता पाई है। एक नवंबर को Phys.org की रिपोर्ट में आए निष्कर्ष बताते हैं कि इसकी बर्फ सौरमंडल से बाहर बेहद ठंडे वातावरण में बनी होगी। मूल अध्ययन नेचर एस्ट्रोनॉमी में 23 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित हुआ था।
अमेरिकन यूनिवर्सिटी और नासा के गोडार्ड अंतरिक्ष उड़ान केंद्र के नाथन रोथ ने शोध का नेतृत्व किया। प्रकाशित शोधपत्र में मीथेन का ड्यूटेरियम और हाइड्रोजन अनुपात 3.18% बताया गया है, जिसमें 0.30 प्रतिशत अंक की अनिश्चितता है। ड्यूटेरियम हाइड्रोजन का एक रूप है जिसमें अतिरिक्त न्यूट्रॉन होता है; इसकी मौजूदगी अणु की अवरक्त पहचान बदल देती है।
शोध पांडुलिपि के अनुसार, वेब ने 22 और 23 दिसंबर 2025 को धूमकेतु के आसपास की गैस देखी, जब सूर्य से उसकी दूरी पृथ्वी-सूर्य दूरी की लगभग 2.4 गुनी थी। टीम ने दूसरे अणुओं के संकेत अलग करके ड्यूटेरियम वाले मीथेन के कमजोर संकेत पहचाने। ये माप बर्फीले केंद्र से निकले पदार्थ की जांच करते हैं, उसके भीतर से सीधे नमूने नहीं लेते।
शोधपत्र के अनुसार यह अनुपात रोसेटा द्वारा धूमकेतु 67P/चुर्यूमोव–गेरासिमेंको में मापे गए मान का लगभग 13 गुना है। वही एकमात्र दूसरा धूमकेतु है जिसमें ड्यूटेरियम वाला मीथेन मिला है। लेखकों के अनुसार यह समृद्धि ठंडे अंतरतारकीय बादल या युवा तारे के आसपास बनने से मेल खाती है, जहां हीलियम से भारी तत्व कम और ब्रह्मांडीय किरणों का प्रभाव तीव्र हो।
नतीजा अन्य स्थानों पर ग्रहों के निर्माण की सामग्री बनने के रासायनिक मॉडलों को परखने का अवसर देता है। इससे किसी खास मूल तारे की पहचान या निर्माण के एकमात्र इतिहास की पुष्टि नहीं होती। शोधकर्ताओं के मुताबिक अन्य तारा निर्माण क्षेत्रों में मीथेन के समस्थानिकों के सीधे माप उपलब्ध नहीं हैं। इस अनोखे रासायनिक रिकॉर्ड को समझने के लिए और तुलनाएं जरूरी होंगी।
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