पश्चिमी यूरोप में जून और जुलाई की अवधि का औसत तापमान 21.62 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 2022 में बने पिछले रिकॉर्ड से अधिक है। सोमवार को एसोसिएटेड प्रेस द्वारा प्रकाशित कोपरनिकस के नए आंकड़ों के अनुसार, यह असाधारण गर्मी मई में शुरू हुई थी और पूरे क्षेत्र में सूखे, जंगल की आग तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य पर दबाव को बढ़ा रही है।
यूरोपीय संघ की जलवायु निगरानी सेवा कोपरनिकस का संचालन यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट्स करता है और इसका विश्लेषण ERA5 जलवायु डेटा पर आधारित है। जून के पहले बुलेटिन में पश्चिमी यूरोप का औसत 20.74 डिग्री सेल्सियस बताया गया था, जो 1991-2020 के संदर्भ औसत से 3.06 डिग्री अधिक और रिकॉर्ड का सबसे गर्म जून था।
नए आकलन में यह भी सामने आया कि ध्रुवीय क्षेत्रों के बाहर बर्फ से मुक्त महासागरों में जुलाई के लिए औसत समुद्री सतह तापमान अब तक का सर्वाधिक था। 20.96 डिग्री सेल्सियस का नया आंकड़ा 2023 के 20.89 डिग्री वाले पुराने जुलाई रिकॉर्ड से ऊपर है। कोपरनिकस ने इस समुद्री गर्मी का एक हिस्सा भूमध्यरेखीय प्रशांत में विकसित हो रही एल नीनो स्थिति से जोड़ा।
जुलाई में वैश्विक सतही वायु तापमान औसतन 16.90 डिग्री सेल्सियस रहा और जुलाई 2024 के साथ रिकॉर्ड का संयुक्त दूसरा सबसे गर्म जुलाई बना। एपी द्वारा उद्धृत जलवायु आंकड़ों में 2026 अभी 2024 और 2025 के बाद तीसरा सबसे गर्म वर्ष है, हालांकि वैज्ञानिकों ने कहा कि मजबूत होती एल नीनो स्थिति और मानव-जनित तापवृद्धि पूरे वर्ष की स्थिति को ऊपर ले जा सकती है।
ईसीएमडब्ल्यूएफ की जलवायु प्रमुख सामंथा बर्गेस ने बताया कि लगातार बने उच्च दबाव के क्षेत्रों ने पश्चिमी यूरोप के ऊपर गर्मी को रोक लिया, जबकि सूखी मिट्टी ने अपनी प्राकृतिक ठंडक देने की क्षमता खो दी और तापमान को और बढ़ने दिया। गर्मी और सूखे के इस चक्र के साथ बड़ी आग, नदियों का असामान्य रूप से कम जलस्तर, राष्ट्रीय तापमान रिकॉर्ड और गर्मी से जुड़ी हजारों अनुमानित मौतें देखी गई हैं।
ये निष्कर्ष यह तय नहीं करते कि कोई विशेष आग कहां भड़केगी या प्रत्येक स्थानीय गर्मी की घटना कैसे आगे बढ़ेगी, लेकिन वे दिखाते हैं कि क्षेत्रीय परिस्थितियां अधिक गर्म और शुष्क हो रही हैं। निगरानी संस्थाएं बाकी गर्मियों में एल नीनो, महासागरीय गर्मी और यूरोपीय परिस्थितियों पर नजर रखेंगी; 2026 की अंतिम वार्षिक स्थिति अभी अनिश्चित है।
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