होम पर वापस जाएं फ्लोरेंस नियोनकुरु ने रवांडा को पहला राष्ट्रमंडल खेल पदक दिलाया खेल

फ्लोरेंस नियोनकुरु ने रवांडा को पहला राष्ट्रमंडल खेल पदक दिलाया

प्रकाशित 28 जुलाई 2026 749 दृश्य

फ्लोरेंस नियोनकुरु ने सोमवार 27 जुलाई को ग्लासगो के स्कॉटस्टन स्टेडियम में महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में रवांडा को उसका पहला पदक दिलाया। लंबी दूरी की यह धाविका ऑस्ट्रेलिया की स्वर्ण विजेता रोज डेविस और केन्या की डायना वांजा के बाद तीसरे स्थान पर रही। इस परिणाम से 2010 में रवांडा के पहले राष्ट्रमंडल खेलों से चली आ रही पदक की प्रतीक्षा समाप्त हुई।

डेविस ने 25 चक्कर की फाइनल दौड़ 31 मिनट 39.32 सेकंड में जीती। उन्होंने आखिरी एक किलोमीटर से भी कम दूरी बचने पर निर्णायक तेजी दिखाई। कॉमनवेल्थ गेम्स ऑस्ट्रेलिया के अनुसार जीत का अंतर 10 सेकंड से अधिक था, जबकि एबीसी न्यूज ने बताया कि डेविस रणनीतिक दौड़ के अधिकांश हिस्से में अगली धाविकाओं के पीछे रहीं और फिर आगे निकल गईं। वांजा ने रजत जीता और नियोनकुरु ने ऐतिहासिक कांस्य के लिए तीसरा स्थान बनाए रखा।

इस नतीजे का महत्व केवल पदक तालिका के क्रम तक सीमित नहीं है। देश के खेल रिकॉर्ड के अनुसार रवांडा ने दिल्ली में पदार्पण के बाद हर राष्ट्रमंडल खेल में हिस्सा लिया था, लेकिन इससे पहले कोई पदक नहीं जीता था। 27 जुलाई के फाइनल की रॉयटर्स तस्वीरों में नियोनकुरु ग्लासगो में पदक मंच पर जश्न मनाती दिखीं। वर्ल्ड एथलेटिक्स ने भी उनकी प्रोफाइल को राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता के रूप में अद्यतन किया।

नियोनकुरु हाल के मजबूत प्रदर्शन के साथ स्कॉटलैंड पहुंची थीं। अकरा में अफ्रीकी एथलेटिक्स चैंपियनशिप के नतीजे बताते हैं कि मई में वह 10,000 मीटर में वांजा के बाद दूसरे स्थान पर रही थीं और उन्होंने 31 मिनट 43.73 सेकंड का समय निकाला था। ग्लासगो खेलों से पहले की रिपोर्टों में बेंगलुरु की विश्व 10 किलोमीटर प्रतियोगिता की एलीट महिला दौड़ में उनकी जीत भी दर्ज थी। इसलिए सबसे कठिन ट्रैक स्पर्धाओं में से एक में रवांडा के पास पदक की मजबूत दावेदार थी।

इस दौड़ में ऑस्ट्रेलिया ने भी पहली उपलब्धि हासिल की, क्योंकि डेविस राष्ट्रमंडल खेलों में 10,000 मीटर का खिताब जीतने वाली देश की पहली महिला बनीं। कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने कहा कि उनकी जीत ने ग्लासगो 2026 में ऑस्ट्रेलिया के एथलेटिक्स स्वर्ण पदकों का खाता खोला। रवांडा के लिए नियोनकुरु के कांस्य ने प्रतियोगिता के रिकॉर्ड में देश की स्थिति बदल दी और पदक मंच तक पहुंचने वाले देशों की संख्या बढ़ाई।

ग्लासगो 2026 की प्रतियोगिताएं 2 अगस्त तक चलेंगी, जिनमें 74 देशों और क्षेत्रों के तीन हजार से अधिक खिलाड़ी 10 खेलों और छह पैरा खेलों में हिस्सा ले रहे हैं। रवांडा के बाकी खिलाड़ी अब इस भरोसे के साथ अपनी स्पर्धाओं में उतरेंगे कि देश अपना पहला पदक जीत चुका है। नियोनकुरु की सफलता भविष्य की रवांडाई टीमों के लिए राष्ट्रमंडल खेलों में एक नया मानक भी स्थापित करती है।

स्रोत: Commonwealth Sport, World Athletics, Reuters, ABC News Australia, Commonwealth Games Australia

टिप्पणियाँ