अत्यधिक रोगजनक H5N1 बर्ड फ्लू से प्रयोगात्मक रूप से संक्रमित गायों का बिना पाश्चुरीकृत दूध पीने वाले बछड़े वायरस से संक्रमित हो गए और उनमें हल्की बीमारी विकसित हुई। यह निष्कर्ष 21 अगस्त को Nature Communications में प्रकाशित समकक्ष-समीक्षित अध्ययन में सामने आया। नतीजे प्रत्यक्ष प्रमाण देते हैं कि दूषित दूध युवा मवेशियों तक वायरस पहुंचा सकता है और संक्रमित या संदिग्ध गायों के कच्चे, बिक्री से हटाए गए दूध को बछड़ों को न पिलाने की चेतावनी को मजबूत करते हैं।
अमेरिकी कृषि विभाग के नेशनल एनिमल डिजीज सेंटर के शोधकर्ताओं ने लगभग सात से 11 सप्ताह उम्र के नौ होल्स्टीन बछड़ों का अध्ययन किया। एक नियंत्रण बछड़े को असंक्रमित गायों का दूध मिला। चार बछड़ों को चार दिन तक रोज दो बार 0.95 लीटर दूध संक्रमण के शुरुआती चरण वाली गायों से दिया गया, जिनमें तब तक निष्क्रिय करने वाली एंटीबॉडी नहीं बनी थीं। चार अन्य को ऐसा मिश्रण मिला जिसमें संक्रमण के बाद के चरण की गायों का एंटीबॉडी वाला संक्रमित दूध शामिल था।
बिना एंटीबॉडी वाला संक्रमित दूध पाने वाले सभी चार बछड़ों में पांच से छह दिन तक नाक से स्राव, हल्का बुखार, सुस्ती, पतला मल और सांस लेने में कुछ अधिक प्रयास जैसे लक्षण दिखे। संपर्क के दो से चार दिन बाद उनकी नाक की जांच में लगातार वायरल आरएनए मिला। वैज्ञानिकों ने फेफड़ों के घावों, लसीका ग्रंथियों और टॉन्सिल ऊतक में वायरल सामग्री या एंटीजन तथा बाद में विकसित एंटीबॉडी के जरिए संक्रमण की पुष्टि की।
दूसरे संपर्क समूह में स्पष्ट चिकित्सकीय बीमारी नहीं दिखी और चार में से केवल एक बछड़े की नाक की जांच में वायरल आरएनए मिला। लेखकों ने निष्कर्ष निकाला कि दूध में मौजूद निष्क्रिय करने वाली एंटीबॉडी ने आंशिक सुरक्षा दी, लेकिन इससे दूषित कच्चा दूध सुरक्षित नहीं हो गया। अकेला नियंत्रण बछड़ा संक्रमण-मुक्त रहा, जिससे प्रयोग की परिस्थितियों में संक्रमित दूध और वायरस संचरण के बीच संबंध को समर्थन मिला।
अध्ययन का नियंत्रित नमूना छोटा था और इसमें B3.13 जीनोटाइप की जांच हुई, इसलिए यह नहीं बताता कि व्यावसायिक फार्मों पर बछड़े कितनी बार संक्रमित होते हैं या वे परिसरों के बीच वायरस फैला सकते हैं या नहीं। फिर भी शोधकर्ताओं ने चेताया कि हल्के लक्षण बछड़ों की सामान्य बीमारियों जैसे लग सकते हैं और अनदेखे रह सकते हैं। बछड़ों को अक्सर एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाया जाता है, इसलिए फार्म से फार्म प्रसार में उनकी संभावित भूमिका का मूल्यांकन जरूरी है।
अमेरिकी कृषि विभाग के दिशानिर्देश बताते हैं कि संक्रमित गायें दूध में H5N1 की अधिक मात्रा छोड़ सकती हैं और बछड़ों तथा अन्य स्तनधारियों को दिए जाने वाले सभी दूध को पाश्चुरीकृत या गर्म करने की सलाह देते हैं। एजेंसी के अनुसार वाणिज्यिक पाश्चुरीकरण वायरस को निष्क्रिय करता है। नए परिणाम जैव सुरक्षा से रोके जा सकने वाले व्यावहारिक संचरण मार्ग की पहचान करते हैं, जबकि वैज्ञानिक मवेशियों में प्रसार, वायरल अनुकूलन और संभावित टीकाकरण रणनीतियों की जांच जारी रखेंगे।
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