मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री इस्माइल साबरी याकूब ने गुरुवार, 27 अगस्त को देश की भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी के समक्ष अपनी संपत्तियों की पूरी घोषणा नहीं करने के आरोप में खुद को निर्दोष बताया। 66 वर्षीय इस्माइल कुआलालंपुर की सत्र अदालत में न्यायाधीश सुजाना हुसैन के सामने पेश हुए। एसोसिएटेड प्रेस, बरनामा और द स्टार ने इस घटनाक्रम की पुष्टि की है।
आरोप में कहा गया है कि इस्माइल ने जानबूझकर ऐसा लिखित बयान दिया जो मलेशिया के भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत 7 जनवरी 2025 को जारी नोटिस की शर्तों के अनुरूप नहीं था। अधिकारियों ने तीन दिन बाद नोटिस देकर उनसे कुछ निर्धारित संपत्तियों की जानकारी मांगी थी। अभियोजन का दावा है कि कथित अपराध 7 फरवरी 2025 को पुत्रजया स्थित मलेशियाई भ्रष्टाचार निरोधक आयोग के मुख्यालय में हुआ।
बरनामा के अनुसार आरोपपत्र में 1 करोड़ 47 लाख 70 हजार रिंगिट की नकदी, नौ विदेशी मुद्राओं में बड़ी रकम और सोने की पांच छड़ें दर्ज हैं। इनमें 61 लाख 30 हजार सिंगापुर डॉलर, 14 लाख 60 हजार अमेरिकी डॉलर, 30 लाख स्विस फ्रैंक, 1 करोड़ 21 लाख 60 हजार यूरो, 36 करोड़ 30 लाख येन और 3 करोड़ 47 लाख 50 हजार अमीराती दिरहम शामिल हैं। ब्रिटिश, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलियाई मुद्राओं में छोटी राशियां भी सूचीबद्ध हैं। आरोप संपत्तियों के खुलासे से संबंधित है और अपने आप में उनके अवैध स्रोत को साबित नहीं करता।
न्यायाधीश सुजाना ने परिवार के एक सदस्य की जमानत पर 3 लाख रिंगिट की राशि तय की। उन्होंने इस्माइल का पासपोर्ट जमा कराने की अभियोजन की मांग खारिज कर दी क्योंकि उनके भागने के जोखिम का कोई प्रमाण नहीं मिला। बचाव पक्ष के वकील आमेर हमजा अरशद ने कहा कि उनके मुवक्किल आरोप को चुनौती देकर अपना नाम साफ करेंगे। अदालत ने अगली प्रक्रियात्मक सुनवाई 29 सितंबर को तय की है, जब अभियोजन से बचाव पक्ष को अधिक जानकारी देने की उम्मीद है।
उल्लेखित प्रावधान के तहत दोषसिद्धि होने पर अधिकतम पांच वर्ष की जेल और 1 लाख रिंगिट तक का जुर्माना हो सकता है। कार्यवाही पहले 7 अगस्त को होनी थी, लेकिन दिल की बीमारी के कारण इस्माइल को राष्ट्रीय हृदय संस्थान में भर्ती किए जाने और पेसमेकर लगाए जाने के बाद इसे स्थगित कर दिया गया था। एपी और बरनामा ने यह जानकारी दी। अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने तक उन्हें निर्दोष माना जाएगा।
इस्माइल अगस्त 2021 से नवंबर 2022 तक मलेशिया के नौवें प्रधानमंत्री रहे और उनका 15 महीने का कार्यकाल देश के किसी प्रधानमंत्री का सबसे छोटा कार्यकाल था। एपी और सीएनए के मुताबिक नजीब रजाक और मुहिद्दीन यासीन के बाद वह हाल के वर्षों में कथित भ्रष्टाचार संबंधी आचरण से जुड़े आपराधिक मुकदमे का सामना करने वाले तीसरे पूर्व मलेशियाई प्रधानमंत्री हैं। अगली सुनवाई की ओर बढ़ता यह मामला मलेशिया की संस्थाओं के लिए एक और अत्यधिक चर्चित परीक्षा है।
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