होम पर वापस जाएं नासा अध्ययन ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पृथ्वी के सूक्ष्मजीवों के संभावित आश्रय खोजे विज्ञान

नासा अध्ययन ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पृथ्वी के सूक्ष्मजीवों के संभावित आश्रय खोजे

प्रकाशित 20 अगस्त 2026 0 दृश्य

भविष्य के अंतरिक्ष यात्रियों के साथ पहुंचे पृथ्वी के सूक्ष्मजीव चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सुरक्षित जगहों में कम से कम एक दिन जीवित रह सकते हैं। नासा के नेतृत्व वाले इस अध्ययन को साइंस एडवांसेज ने 19 अगस्त को प्रकाशित किया। निष्कर्ष मानव चंद्र अभियानों के लिए व्यावहारिक चिंता पैदा करता है, क्योंकि लोगों, अंतरिक्ष सूट या आवास से निकले जीव चंद्रमा की मूल रासायनिक संरचना और बाद में मंगल पर जीवन के संकेतों की पहचान को कठिन बना सकते हैं।

शोधकर्ताओं ने यह नहीं पाया कि सूक्ष्मजीव चंद्रमा पर बढ़ या प्रजनन कर सकते हैं। अध्ययन में जीवित रहने का अर्थ कम से कम एक पृथ्वी दिवस तक व्यवहार्य बने रहना है, जबकि चंद्र सतह पर वृद्धि के लिए जरूरी तरल पानी, वायुमंडल और मध्यम तापमान नहीं हैं। नासा के अनुसार मानवजनित संदूषण को पूरी तरह रोकना कठिन है, क्योंकि बैक्टीरिया त्वचा से स्वाभाविक रूप से निकलते हैं और सूट या रहने की जगह से बाहर जा सकते हैं।

दल ने बैक्टीरिया और कवक की ज्ञात गर्मी तथा पराबैंगनी सहनशीलता की तुलना नोबाइल रिम, कनेक्टिंग रिज और डी गरलाश रिम के विस्तृत अनुकरणों से की। इन मॉडलों में नासा के लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर से मिले ऊंचाई और तापमान के आंकड़ों को सतह तक पहुंचने वाले विकिरण की गणना के साथ जोड़ा गया। ध्रुवीय क्षितिज पर सूर्य नीचा रहता है, इसलिए गड्ढे, कटक और छोटी भू-आकृतियां भी ठंडी छाया बनाकर घातक पराबैंगनी किरणों को रोक सकती हैं।

विश्लेषण में मनुष्यों या अंतरिक्ष उड़ान के वातावरण से जुड़े पांच प्रकार के सूक्ष्मजीव शामिल थे। इनमें Bacillus subtilis, Staphylococcus aureus, Deinococcus radiodurans, Fusarium की प्रजातियां और Aspergillus niger कवक थे। नक्शों में चौड़े गड्ढों के तल से लेकर जूते के निशान जितने छोटे संभावित आश्रय दिखाई दिए। जांचे गए जीवों में पराबैंगनी किरणों के प्रति सबसे प्रतिरोधी Aspergillus niger कुछ आंशिक रूप से रोशन स्थानों में भी टिक सकता है।

यह परिणाम ग्रह सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि अंतरिक्ष एजेंसियां चंद्र दक्षिणी ध्रुव के आसपास लंबे समय की गतिविधियों की तैयारी कर रही हैं। अपोलो यात्रियों ने भूमध्यरेखीय स्थलों का दौरा किया था, लेकिन ध्रुवीय इलाके में पानी और नाजुक अणुओं को बचाने वाली लंबी छायाएं तथा ऊर्जा उत्पादन के लिए उपयोगी धूप वाली चोटियां दोनों हैं। नासा वैज्ञानिकों ने कहा कि मानव यात्राओं से पहले नमूनों का विवरण तैयार करना मूल चंद्र पदार्थ को पृथ्वी से पहुंचे जैविक निशानों से अलग करने में मदद करेगा।

लेखक सावधानी से निगरानी किए गए चंद्र स्थलों को प्राकृतिक प्रयोगशाला की तरह इस्तेमाल करने का अवसर भी देखते हैं, जहां पृथ्वी पर दोहराना कठिन परिस्थितियों में सूक्ष्मजीवों की सहनशक्ति जांची जा सकती है। अगला काम यात्रियों और उपकरणों के साथ जाने वाली सामग्री को मापना, संदूषण नियंत्रण तय करना और सतह पर मॉडलों की परीक्षा करना है। अध्ययन चंद्रमा पर जीवन होने का दावा नहीं करता; यह बताता है कि निष्क्रिय पृथ्वी कोशिकाएं भावी खोजों की व्याख्या को प्रभावित करने भर समय तक टिक सकती हैं।

स्रोत: NASA, Science Advances

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