स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट का निष्क्रिय ऊपरी चरण बुधवार 5 अगस्त को लगभग 06:35 यूटीसी पर आइंस्टीन क्रेटर के पास चंद्रमा से टकराने वाला था। इससे वैज्ञानिकों को सटीक पूर्वानुमान वाले कृत्रिम प्रभाव का अध्ययन करने का दुर्लभ अवसर मिला है। शोधकर्ताओं के अनुसार घटना चंद्रमा के किनारे के पास सूर्य से प्रकाशित क्षेत्र में होनी थी, लेकिन इसकी पुष्टि नए क्रेटर की बाद की तस्वीरों और अन्य अवलोकनों से ही होगी।
2025-010D नाम से सूचीबद्ध यह वस्तु 15 जनवरी 2025 के उस प्रक्षेपण से निकली थी, जिसने फायरफ्लाई एयरोस्पेस के ब्लू घोस्ट और जापानी कंपनी आईस्पेस के रेजिलिएंस चंद्र लैंडर भेजे थे। दोनों यानों को छोड़ने के बाद ऊपरी चरण पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य के गुरुत्व से प्रभावित दूरस्थ कक्षा में रहा। बाद में निगरानी से पता चला कि उसका रास्ता चंद्र सतह को काटेगा।
ग्रह वैज्ञानिक बेंजामिन फर्नांडो के नेतृत्व वाले दल ने आइंस्टीन क्रेटर के पास लगभग 06:35 यूटीसी पर प्रभाव का अनुमान लगाया और पेशेवर वेधशालाओं तथा शौकिया खगोलविदों से थोड़ी देर की चमक या उछले पदार्थ का बादल दर्ज करने को कहा। दल ने स्पष्ट किया कि चमक कितनी होगी, यह अनिश्चित था। एक्सियोस ने मंगलवार को बताया कि नासा चंद्र कक्षा से स्थल की तस्वीर लेने की योजना बना रहा है, जिससे सबसे स्पष्ट पुष्टि और माप मिल सकते हैं।
अलग भौतिक अवलोकनों ने स्वतंत्र रूप से इस वस्तु को 2025 के अभियान से जोड़ा। थियोडोर कैरेटा के नेतृत्व वाले दल ने दृश्य और निकट अवरक्त स्पेक्ट्रोस्कोपी से ऐसे अवशोषण संकेत पहचाने, जो अंतरिक्ष यान की ताप नियंत्रण सामग्री से मेल खाते हैं। प्रकाश वक्रों ने करीब सात मिनट में एक चक्कर लगाने वाली लंबी वस्तु का संकेत दिया। इस दल ने लगभग 2.4 किलोमीटर प्रति सेकंड की गति और करीब 40 मीटर चौड़े क्रेटर का अनुमान लगाया।
विलियम जो के नेतृत्व वाले एक अन्य मॉडलिंग अध्ययन ने संभावित मलबा बादल की जांच के लिए करीब 3,900 किलोग्राम द्रव्यमान और 2.43 किलोमीटर प्रति सेकंड की गति मानी। प्रकाशित क्रेटर अनुमान अलग हैं और दूसरी अवलोकन योजना ने करीब 27 मीटर बताया है, क्योंकि चरण का सटीक द्रव्यमान, ढांचा और टकराव कोण तथा चंद्र मिट्टी के गुण पूरी तरह ज्ञात नहीं हैं। पृथ्वी के लिए किसी खतरे की आशंका नहीं थी।
घटना का वैज्ञानिक महत्व आने वाली ज्ञात वस्तु की तुलना उससे बनी चमक, धूल की धार और क्रेटर से करने में है। नतीजे भविष्य के चंद्र प्रभावों का स्थान खोजने, प्राकृतिक क्रेटरों को समझने और पृथ्वी तथा चंद्रमा के बीच बढ़ती गतिविधि के साथ मलबे के जोखिम का आकलन सुधार सकते हैं। क्या दर्ज हुआ, यह घोषित करने से पहले अब वैज्ञानिकों को जमीन और अंतरिक्ष के आंकड़ों की तुलना घटना से पहले और बाद की कक्षीय तस्वीरों से करनी होगी।
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