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मंगोलिया में संयुक्त राष्ट्र भूमि सम्मेलन शुरू, सूखा और बहाली मुख्य मुद्दे

प्रकाशित 18 अगस्त 2026 0 दृश्य

संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण रोकथाम अभिसमय के प्रतिनिधियों ने सोमवार को मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में कॉप17 का औपचारिक काम शुरू किया। दो सप्ताह की वार्ता में खराब हो चुकी भूमि की बहाली, सूखे का प्रबंधन और भोजन तथा पानी की आपूर्ति की रक्षा प्रमुख विषय हैं। यूएनसीसीडी के अनुसार उसके 197 पक्षों के प्रतिनिधियों के साथ वैज्ञानिक, कारोबार, नागरिक समाज, मूल निवासी समुदाय, चरवाहे और छोटे किसान भी भाग लेंगे।

सम्मेलन 17 से 28 अगस्त तक भूमि बहाल करें, आशा बहाल करें विषय के तहत चल रहा है। आधिकारिक बैठकों की शुरुआत संगठनात्मक काम और देशों द्वारा अभिसमय लागू करने की समीक्षा से हुई। इसके बाद कार्यक्रम में वित्त, पानी, भूमि और लोग, खाद्य प्रणालियां तथा मिट्टी का स्वास्थ्य शामिल होगा, जबकि मंत्रिस्तरीय चरण दूसरे सप्ताह में निर्धारित है।

समस्या का आकार वार्ता की अहमियत दिखाता है। यूएनसीसीडी का अनुमान है कि भूमि क्षरण दुनिया की 40 प्रतिशत तक भूमि को प्रभावित करता है, जिससे खाद्य उत्पादन, पानी की उपलब्धता, आजीविका और आर्थिक स्थिरता कमजोर होती है। चरागाह पृथ्वी की आधी से अधिक भूमि को ढकते हैं, करीब 50 करोड़ लोगों की सीधी आजीविका चलाते हैं और वैश्विक पोषण जरूरतों का छठा हिस्सा उपलब्ध कराते हैं।

मंगोलिया इस बैठक के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक स्थान है। अभिसमय के अनुसार उसके 15.6 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का लगभग 77 प्रतिशत हिस्सा खराब हो चुका है, जबकि घूमकर पशुपालन करना ग्रामीण जीवन का केंद्र बना हुआ है। सम्मेलन संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय चरागाह और चरवाहा वर्ष के दौरान हो रहा है और घास के मैदान, जैव विविधता तथा जलवायु दबाव झेल रहे समुदायों को बचाने वाली व्यवस्थाओं पर ध्यान देता है।

मुख्य राजनीतिक परीक्षा यह होगी कि सरकारें भूमि बहाली के व्यापक समर्थन को धन और सूखे पर मजबूत सहयोग में बदल पाती हैं या नहीं। ले मोंद ने बताया कि रियाद का पिछला सम्मेलन वैश्विक दक्षिण के कई देशों द्वारा मांगे गए बाध्यकारी सूखा लक्ष्यों पर सहमति के बिना समाप्त हुआ था। कॉप17 निवेश, भूमि और पानी के संबंध, प्रवासन, रेत और धूल के तूफान, भूमि अधिकार तथा चरागाही प्रणालियों के समर्थन पर विचार करेगा।

अंतिम समझौता 28 अगस्त को सम्मेलन बंद होने से पहले अपेक्षित नहीं है। मंत्री अगले सप्ताह वित्त, सूखा सहनशीलता और चरवाहा समुदायों पर चर्चा करेंगे, जबकि तकनीकी निकाय क्रियान्वयन और बजट की समीक्षा करेंगे। नतीजे का मूल्यांकन इस आधार पर होगा कि क्या वह मिट्टी और चरागाह बहाल करने के लिए व्यावहारिक संसाधन देता है और उन लोगों की रक्षा करता है जिनका भोजन, पानी और आय इन पर निर्भर है।

स्रोत: United Nations Convention to Combat Desertification, Food and Agriculture Organization of the United Nations, Le Monde

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